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अच्छी खबर: बिहार में 118 साल पुराने जमीन के दस्तावेज होंगे ऑनलाइन, घर बैठे देख सकेंगे 1908 से अब तक के रिकॉर्ड

Wed, 28 Oct 2026 05:40 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 28 Oct 2026 05:40 PM IST
सार

बिहार में 1908 से 1995 तक के लगभग 5.15 करोड़ पुराने जमीन के दस्तावेजों को डिजिटल करने का लक्ष्य है। अब तक 77.80 लाख दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड हो चुके हैं। आम लोग ऑनलाइन दस्तावेज देख और डाउनलोड कर सकेंगे।

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118-year-old land documents in Bihar will go online records dating from 1908 to the present will be accessible
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में 118 साल पहले खरीदी-बेची गई जमीन के दस्तावेज अब घर बैठे ऑनलाइन देखे जा सकेंगे। इसके लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग पुराने निबंधित दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन का काम लगातार कर रहा है। विभाग के अनुसार, वर्ष 1908 से 1995 तक के लगभग 5 करोड़ 15 लाख दस्तावेजों को डिजिटल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 77 लाख 80 हजार दस्तावेज निबंधन विभाग की वेबसाइट https://enibandhan.bihar.gov.in पर अपलोड किए जा चुके हैं। इस काम के लिए 10 एजेंसियों को लगाया गया है, जो रोजाना हजारों दस्तावेजों को स्कैन कर वेबसाइट पर अपलोड कर रही हैं।

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विभाग ने बताया कि वर्ष 1996 से 2005 तक के दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है। इस अवधि के कुल 68 लाख 51 हजार दस्तावेजों को स्कैन कर पीडीएफ बनाया गया है, जिनमें से 66 लाख दस्तावेजों के पीडीएफ वेबसाइट पर अपलोड किए जा चुके हैं। आम लोग इन दस्तावेजों की सच्ची प्रतिलिपि आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

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वहीं, वर्ष 2006 से अब तक के सभी दस्तावेज कंप्यूटरीकृत निबंधन प्रणाली के तहत पोर्टल पर उपलब्ध हैं। अब नए निबंधन के बाद दस्तावेज का लिंक पक्षकार के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है, जिससे वे तत्काल दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य निबंधन विभाग की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाना और आम लोगों को पुराने जमीन के दस्तावेजों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है।

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