हॉस्टल छोड़ने के दो घंटे बाद छात्र लापता: नदी किनारे मिले कपड़े, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाया हत्या का आरोप
नालंदा के कोसुक स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल के हॉस्टल से आठवीं कक्षा का 15 वर्षीय छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। स्कूल प्रबंधन ने पहले उसके भागने और फिर पंचाने नदी में डूबने की सूचना दी।
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नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र के कोसुक स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल के हॉस्टल से आठवीं कक्षा का एक छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। दुर्गा पूजा की छुट्टी के बाद परिजन छात्र को हॉस्टल छोड़कर घर पहुंचे भी नहीं थे कि स्कूल प्रशासन की ओर से पहले उसके भागने और फिर पंचाने नदी में डूबने की सूचना दी गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए बिहारशरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग को कोसुक गांव के पास पूरी तरह जाम कर दिया। घटना के बाद से स्कूल के प्रिंसिपल, डायरेक्टर और सभी शिक्षक मोबाइल फोन बंद कर मौके से फरार बताए जा रहे हैं।
दोपहर में हॉस्टल छोड़ा, दो घंटे बाद आया अनहोनी का फोन
लापता छात्र की पहचान पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र के बुढ़रा गांव निवासी किसान आलोक राज के 15 वर्षीय पुत्र अनंत कुमार के रूप में हुई है। वह दो भाइयों में बड़ा है और उसकी चार बहनें हैं। अनंत पिछले चार वर्षों से इसी आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता ने बताया कि वे दोपहर करीब एक बजे अपने बेटे को स्कूल के हॉस्टल में छोड़कर निकले थे। उस समय वह पूरी तरह सामान्य और खुशमिजाज था। पिता के अनुसार, स्कूल के सीसीटीवी फुटेज में भी वह सामान्य दिखाई दे रहा है।
पहले प्रेम-प्रसंग की बात, फिर भागने और डूबने की सुनाई कहानी
पिता के अनुसार, हॉस्टल से निकलने के करीब एक घंटे बाद प्रिंसिपल धीरज ने फोन कर बताया कि अनंत ने किसी लड़की को फोटो भेजी थी और उस लड़की ने जहर खा लिया है। पिता ने जब फोन पर ही अनंत से बात की, तो उसने ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार कर दिया। पिता अभी घर के रास्ते में ही थे कि कुछ ही देर बाद स्कूल प्रबंधन ने फोन कर कहा कि छात्र स्कूल से भाग गया है। पिता ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज देखने को कहा, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद प्रबंधन की ओर से उसके पंचाने नदी में डूब जाने की बात कही जाने लगी।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, स्कूल के शिक्षक फरार
छात्र के पिता आलोक राज और चाचा प्रशांत कुमार ने स्कूल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि जब हॉस्टल में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और गार्ड तैनात हैं, तो बच्चा बाहर कैसे निकल सकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल धीरज, शिक्षक कौशल, मनोहर समेत अन्य शिक्षकों ने मिलकर छात्र की हत्या कर दी और शव को खुर्द-बुर्द कर दिया। परिजनों ने यह भी बताया कि करीब तीन महीने पहले शिक्षकों ने छात्र की बेरहमी से पिटाई की थी। घटना के बाद स्कूल का एक सीसीटीवी कैमरा गायब मिला। परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल के अन्य बच्चों पर भी सच छिपाने का दबाव बनाया जा रहा था।
पंचाने नदी किनारे मिला टी-शर्ट
घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। स्कूल के पीछे पंचाने नदी के किनारे छात्र की टी-शर्ट बरामद हुई, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। दीपनगर के अपर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने बच्चे को नदी की ओर जाते और डूबते देखने की बात कही थी। इसके बाद स्कूल को सूचना दी गई थी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया गया है। स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है।
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चार थानों की पुलिस मौके पर तैनात, हाईवे पर लगा लंबा जाम
हॉस्टल से छात्र के रहस्यमय ढंग से लापता होने की खबर से आक्रोशित परिजनों ने बिहारशरीफ-राजगीर हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालात बिगड़ने पर दीपनगर थाना के अलावा बिहार थाना, लहेरी थाना और पावापुरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आक्रोशित परिजनों को समझाकर जाम हटाने के प्रयास में जुटे रहे। परिजनों का कहना है कि जब तक उनके बच्चे का पता नहीं चलता और फरार स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।