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Bihar Police : वर्दी वालों की अब नहीं चल पाएगी गुंडागर्दी, थानों पर मुख्यालय की रहेगी पैनी नजर; लॉच हुआ एप्प
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Krishan Ballabh Narayan
Updated Thu, 04 Jun 2026 09:03 PM IST
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सार
Bihar : वर्दी वाले अब आमलोगों को परेशान नहीं कर पाएंगे। बिहार के डीजीपी ने आज इसकी व्यवस्था कर दी है। थाना से लेकर फाइल तक ऐसा सिस्टम लगा दिया है कि कोई वर्दी वाला चाहकर भी गलत नहीं कर सकता है।
डीजीपी विनय कुमार।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बिहार के सभी पुलिस थानों में केसों के अनुसंधान और दैनिक कामकाज की सटीक निगरानी के लिए एक नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई है। इसके लिए पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट नाम से एक विशेष एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसकी मदद से थानों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर सीधे नजर रखी जा सकेगी। बिहार पुलिस के महानिदेशक विनय कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में इस स्मार्ट प्रणाली का विधिवत उद्घाटन किया।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो जिलों में शुरुआत
वर्तमान में इस एप्लिकेशन को मुंगेर और बक्सर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया गया है। कुछ दिनों के सफल लाइव ट्रायल के बाद इसे जल्द ही राज्य के सभी 1,382 थानों में लागू कर दिया जाएगा। बिहार में पहली बार थाना स्तर के कामकाज की निरंतर निगरानी के लिए ऐसी अभूतपूर्व व्यवस्था की गई है।
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अधिकृत अधिकारियों के पास होगा इसका लॉगिन और पासवर्ड
इस पोर्टल को आईजी पी. कानन की देखरेख में तैयार किया गया है। अधिकृत अधिकारियों के पास इसका लॉगिन और पासवर्ड होगा, जिससे वे किसी भी थाने की रीयल-टाइम स्थिति देख सकेंगे। पीएसएम का एक इंटरैक्टिव डैशबोर्ड है, जिस पर सभी कार्यों का स्टेटस डिस्प्ले होगा। यह सिस्टम वर्तमान में चल रहे सीसीटीएनएस से बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा एडवांस है, क्योंकि इसमें कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जो सीसीटीएनएस में उपलब्ध नहीं थे।
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इन कार्यों की होगी सटीक ट्रैकिंग
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि पीएसएम पोर्टल के जरिए थाने के हर छोटे-बड़े काम का पूरा हिसाब-किताब ऑनलाइन दर्ज रहेगा। थाने में किस स्तर के कितने पुलिसकर्मी तैनात हैं, उनके नाम क्या हैं और उन्हें क्या जिम्मेदारी दी गई है, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। सबसे महत्वपूर्ण और जन उपयोगी बात यह है कि जांच अधिकारियों ने रोजाना किस केस में क्या प्रगति की, डायरी में क्या तथ्य लिखे, इसकी मुकदमों के आधार पर अपडेटेड रिपोर्ट दिखेगी। साथ ही गश्त पर निकले जवानों की संख्या, उनका रूट और उनकी लाइव लोकेशन इस पर दर्ज रहेगी। यदि किसी गंभीर अपराधी की जमानत होने वाली है और उसे रुकवाना जरूरी है, तो सिस्टम पर इसका अलर्ट फ्लैश होगा, ताकि समय रहते कानूनी कदम उठाए जा सकें। इतना ही नहीं इसके अलावा अपराधियों का रिकॉर्ड, ग्रामीण अपराध पंजी, थाना गश्ती मानचित्र, ड्यूटी चेकिंग, साप्ताहिक कार्य सूची, मालखाना विवरण और अपराध मानचित्र जैसी सभी जानकारियां एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी।
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तकनीक से बदल जाएगी पुलिसिंग
इस नई व्यवस्था के लागू होने से पुलिसिंग में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे। हर पुलिसकर्मी के काम का प्रदर्शन बिल्कुल साफ दिखेगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनसे तुरंत जवाब-तलब किया जा सकेगा। अधिकारियों की क्षमता के अनुसार उनसे अधिकतम और प्रभावी काम लिया जा सकेगा। थाने की गाड़ियां चालू हालत में हैं या खराब, इसका भी पूरा लेखा-जोखा पोर्टल पर रहेगा।
पुलिसिंग बन पाएगा बेहतर
इस मौके पर डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि पीएसएम एक बहुउद्देशीय व्यवस्था है, जिसे पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इससे थाना स्तर पर न केवल कार्यों का निपटारा समय पर होगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी। अपराधियों के ट्रैक रिकॉर्ड से लेकर उन पर की गई कार्रवाई की मॉनीटरिंग में यह सिस्टम फ्यूचर पुलिसिंग के लिए एक बेहद अहम कड़ा साबित होगा।