Bihar: अज्ञात ट्रेन की चपेट में आकर युवक की मौत, परिजनों का आरोप- पोस्टमार्टम के लिए ठेले पर लेकर जाना पड़ा शव
पटना के बाढ़ कोर्ट हॉल्ट के पास अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से 42 वर्षीय मनीष कुमार की मौत हो गई। आरोप है कि रेल पुलिस ने सरकारी एम्बुलेंस का उपयोग नहीं किया, जिससे परिजनों को 800 रुपये देकर ठेले पर शव अस्पताल ले जाना पड़ा।
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पटना जिले के बाढ़ से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक तस्वीर सामने आई है। बाढ़ कोर्ट हॉल्ट के पास अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से 42 वर्षीय मनीष कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान बाढ़ प्रखंड के भटगांव निवासी मनीष कुमार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार रेलवे लाइन के किनारे-किनारे बाढ़ कोर्ट हॉल्ट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर बाढ़ रेलवे स्टेशन ले आई। बाद में पुलिस ने मृतक के परिजनों को हादसे की जानकारी दी।
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आरोप है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने में रेल पुलिस ने गंभीर लापरवाही बरती। बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में शवों के परिवहन के लिए सरकारी एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं किया गया। मजबूरन परिजनों ने एक ठेला किराये पर लिया और शव को उसी पर लादकर अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों का कहना है कि ठेले के लिए उन्हें 800 रुपये चुकाने पड़े। खुले ठेले पर शव ले जाते हुए दृश्य को देखकर स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर आवश्यक सरकारी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद शव को इस तरह ले जाने की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।