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Bihar: जिला व्यवहार न्यायालय के समक्ष बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा, वकील और मुव्किल क्यों आए आमने-सामने?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Mon, 09 Feb 2026 05:49 PM IST
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सार
रोहतास जिला न्यायालय, सासाराम के सामने उस समय अफरातफरी मच गई, जब पैसे के लेनदेन को लेकर एक वकील और उसके मुवक्किल आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने पर मुवक्किल पक्ष ने अधिवक्ता का वाहन रोक दिया, जिसके बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
कोर्ट के बाहर हंगामा करते लोग
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विस्तार
रोहतास जिला व्यवहार न्यायालय सासाराम के समक्ष बीच सड़क पर उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब पैसे के विवाद को लेकर एक वकील और मुवक्किल आपस में हंगामा करने लगे। दरअसल मुवक्किल एवं उसके परिवार वाले अधिवक्ता के वाहन का रास्ता रोककर वकील द्वारा केस के नाम पर ली गई राशि को वापस मांग रहे थे। इस दौरान व्यवहार न्यायालय के बाहर हंगामा होता देख लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, कोर्ट के द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह हंगामा कर रहे लोगों को दूर हटाया और फिर मामला पुलिस तक जा पहुंचा।
मुवक्किल का आरोप
मामले में मुवक्किल पक्ष का कहना है कि एनडीपीएस एक्ट के एक केस में वकील द्वारा जमानत दिलाने के नाम पर दो लाख 25 हजार की राशि ली गई थी, लेकिन वकील ने फर्जी बेल रसीद थमा दिया, जिसके कारण उनका जमानत रद्द हो गया। इतना ही नहीं इन्होंने हाईकोर्ट में तीन बार केस फाइल किया, लेकिन तीनों बार केस डिफेक्टिव हो गया। मुवक्किल की मांग है कि अधिवक्ता अपनी कोर्ट फीस काटकर शेष राशि उन्हें लौटा दें।
अधिवक्ता की दलील
वहीं, पूरे मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता अखिलेंद्र कुमार चौबे का कहना है कि एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में मुवक्किल के साथ अपनी फीस स्लैब के हिसाब से कुल सात लाख रुपए में केस को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बात तय हुई थी, जिसके तहत हमारे द्वारा दो गवाहों को क्रॉस एग्जामिन कर हाई कोर्ट में केस फाइल किया गया था। इस क्रम में मुवक्किल द्वारा हमारे खाते में एक लाख 75 हजार रुपए की राशि भी ट्रांसफर की गई थी, लेकिन फिर अचानक आज मुवक्किल द्वारा जबरदस्ती अपने पैसे की मांग की जाने लगी। इन्होंने कोर्ट के बाहर हीं हमारा रास्ता रोक कर हंगामा शुरू कर दिया।
ये भी पढ़ें- Rohini Acharya: 'महिलाओं के प्रति मानसिक-वैचारिक कुंठा से ग्रस्त हैं नीतीश', विधानसभा में CM की किस बात पर भड़कीं रोहिणी?
मौके पर पहुंची पुलिस
वहीं, कोर्ट के बाहर हंगामे की सूचना पर पहुंची सासाराम नगर थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को अपने साथ लेकर थाने चली गई। फिलहाल पुलिस द्वारा दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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मुवक्किल का आरोप
मामले में मुवक्किल पक्ष का कहना है कि एनडीपीएस एक्ट के एक केस में वकील द्वारा जमानत दिलाने के नाम पर दो लाख 25 हजार की राशि ली गई थी, लेकिन वकील ने फर्जी बेल रसीद थमा दिया, जिसके कारण उनका जमानत रद्द हो गया। इतना ही नहीं इन्होंने हाईकोर्ट में तीन बार केस फाइल किया, लेकिन तीनों बार केस डिफेक्टिव हो गया। मुवक्किल की मांग है कि अधिवक्ता अपनी कोर्ट फीस काटकर शेष राशि उन्हें लौटा दें।
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अधिवक्ता की दलील
वहीं, पूरे मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता अखिलेंद्र कुमार चौबे का कहना है कि एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में मुवक्किल के साथ अपनी फीस स्लैब के हिसाब से कुल सात लाख रुपए में केस को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बात तय हुई थी, जिसके तहत हमारे द्वारा दो गवाहों को क्रॉस एग्जामिन कर हाई कोर्ट में केस फाइल किया गया था। इस क्रम में मुवक्किल द्वारा हमारे खाते में एक लाख 75 हजार रुपए की राशि भी ट्रांसफर की गई थी, लेकिन फिर अचानक आज मुवक्किल द्वारा जबरदस्ती अपने पैसे की मांग की जाने लगी। इन्होंने कोर्ट के बाहर हीं हमारा रास्ता रोक कर हंगामा शुरू कर दिया।
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मौके पर पहुंची पुलिस
वहीं, कोर्ट के बाहर हंगामे की सूचना पर पहुंची सासाराम नगर थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को अपने साथ लेकर थाने चली गई। फिलहाल पुलिस द्वारा दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

कोर्ट के बाहर हंगामा करते लोग