Bihar: 6% कमीशन के लालच में खुद बना 'किडनैपर' , परिवार से वसूले ढाई लाख; जानें 48 घंटे में कैसे खुली पोल
नालंदा में फर्जी अपहरण और फिरौती के एक बड़े साइबर ठगी मामले का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया। छह प्रतिशत कमीशन के लालच में युवक ने साइबर ठगों को अपना बैंक खाता किराये पर दिया और फिर ठगों के साथ मिलकर अपने अपहरण की झूठी कहानी रची।
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विस्तार
नालंदा जिले के कतरीसराय थाना क्षेत्र में फर्जी अपहरण और फिरौती का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छह प्रतिशत कमीशन के लालच में साइबर ठगों को अपना बैंक खाता किराये पर देने गए एक युवक ने ठगों के साथ मिलकर अपने ही अपहरण की कहानी रच दी। साइबर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगों ने युवक के परिवार से ढाई लाख रुपये की फिरौती वसूल ली। राजगीर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा करते हुए युवक को सकुशल बरामद कर लिया और गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, कतरीसराय थाना क्षेत्र के अहियाचक गांव निवासी चंदन कुमार ने 21 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका छोटा भाई शिव कुमार वर्मा सुबह दवा लाने के लिए पटना गया था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। उसी रात करीब 12:45 बजे चंदन के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को साइबर पुलिस से जुड़ा बताते हुए कहा कि शिव कुमार को पकड़ लिया गया है और उसे छोड़ने के लिए ढाई लाख रुपये देने होंगे। परिवार घबरा गया और बताए गए बैंक खाते में पूरी रकम भेज दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आई सच्चाई
राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम बनाई गई। जांच में पता चला कि यह अपहरण नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी। शिव कुमार साइबर ठगी करने वाले गिरोह के संपर्क में था और छह प्रतिशत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता किराये पर देने गया था। बाद में गिरोह ने साइबर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की झूठी कहानी बनाकर उसके परिजनों को डराया और उनसे फिरौती की रकम वसूल ली।
48 घंटे में युवक बरामद, तीन गिरफ्तार
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और बैंक लेनदेन की जांच के आधार पर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर शिव कुमार वर्मा को छपरा कचहरी से सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में नालंदा के लहेरी थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर बस स्टैंड निवासी सुधीर कुमार, पटना के धनरूआ थाना क्षेत्र के जलालपुर निवासी जितेंद्र कुमार और खगड़िया के चौथम थाना क्षेत्र के भुतौली मालपा निवासी अनुपम कुमार शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि अनुपम कुमार फिलहाल पटना के दानापुर स्थित वेस्ट जजेज कॉलोनी में रह रहा था।
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फिरौती की रकम फरार आरोपी के खाते में गई
जांच में यह भी सामने आया कि परिवार से वसूली गई ढाई लाख रुपये की फिरौती एक अन्य फरार आरोपित के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
बैंक खाता किराये पर न देने की अपील
डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने लोगों से अपील की कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या अन्य बैंकिंग सुविधाएं किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल होना भी गंभीर अपराध है। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
इस पूरे मामले के खुलासे में राजगीर डीएसपी के नेतृत्व में गिरियक अंचल के पुलिस निरीक्षक सुमंत कुमार, कतरीसराय थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा, दारोगा आदित्य कुमार, मुकुंद भारती और सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।