Bihar: हाईटेंशन तार का कहर! किशोर को बचाने दौड़े मां-बेटे करंट की चपेट में, 14 वर्षीय की मौत से मचा कोहराम
नालंदा के बिहार थाना क्षेत्र स्थित थवई मोहल्ले में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। छत पर बैठे किशोर सागर को बचाने के प्रयास में महिला रौशन खातून और उनके दो बेटे भी करंट की चपेट में आ गए।
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नालंदा जिले के बिहार थाना क्षेत्र के थवई मोहल्ले में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। छत पर बैठे एक किशोर को बचाने के प्रयास में एक महिला और उसके दो बेटे भी करंट की चपेट में आ गए। हादसे में एक 14 वर्षीय किशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिहारशरीफ सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
छत पर बैठे किशोर को पहले लगा करंट का झटका
जानकारी के अनुसार, बिहार थाना क्षेत्र के थवई मोहल्ले में घरों के छज्जों के बेहद करीब से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। स्थानीय निवासी मोहम्मद महताब का बेटा सागर घर की छत के पास बैठा था। सागर ने बताया कि उसे पता ही नहीं चला कि कब उसका हाथ हाईटेंशन तार की ओर चला गया और वह करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में सागर का बायां हाथ बुरी तरह झुलस गया। करंट की वजह से उसकी उंगलियां भी कट गईं।
बचाने पहुंचे मां और दोनों बेटे भी झुलसे
घायल महिला रौशन खातून (45 वर्ष), जो मुन्ना मेहरूम की पत्नी हैं, ने बताया कि सागर को करंट से तड़पता देखकर वह उसे बचाने के लिए दौड़ीं। इसी दौरान उनके दोनों बेटे फिरोज और राजा भी सागर को बचाने पहुंचे, लेकिन एक-एक कर सभी लोग हाईटेंशन करंट की चपेट में आ गए। हादसे में 14 वर्षीय फिरोज गंभीर रूप से झुलस गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मोहल्ले के लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने तुरंत ट्रांसफॉर्मर के पास जाकर बिजली की सप्लाई बंद कराई, जिससे बड़ा हादसा टल गया और अन्य लोगों की जान बच सकी। इसके बाद सभी घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा इलाज
घटना में घायल मोहम्मद राजा का इलाज फिलहाल एक निजी क्लीनिक में कराया जा रहा है। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे फिरोज को बेहतर इलाज के लिए परिजन हायर सेंटर ले गए थे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला रौशन खातून और घायल किशोर सागर को भी बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
इलाज में लापरवाही का आरोप, सदर अस्पताल में जमकर हंगामा
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों पर समय पर और उचित इलाज नहीं करने का आरोप लगाया। इसको लेकर अस्पताल परिसर में करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा और अफरातफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना मिलते ही सदर डीएसपी-1 के नेतृत्व में बिहार थाना और लहेरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। फिलहाल अस्पताल परिसर में मृत किशोर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।