Bihar News: रामपुर हत्या मामला चर्चा में, दो दोषियों को आजीवन कारावास व दो बरी; जानें कैसे हुआ ये फैसला
रामपुर गांव में चार साल पहले हुई हत्या के मामले में अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले के दो अन्य अभियुक्तों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
विस्तार
रोहतास जिले के कोचस थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में चार वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। जिला जज दस, उमेश राय ने मामले के दो अभियुक्तों को ट्रायल के दौरान दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर तीस-तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
घटना का विवरण
घटना 14 फरवरी 2022 की है, जब रामपुर गांव के गुड्डू सिंह उर्फ अयोध्या सिंह और रामसागर सिंह ने अपने दो सहयोगियों राज नारायण सिंह और चंदन सिंह के साथ मिलकर सूचिका देवकन्या देवी के पुत्र धनजी सिंह की हत्या कर दी थी। धनजी सिंह को घर से बुलाकर गांव के पास स्थित शिव मंदिर के समीप गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले में मृतक की मां ने कोचस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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साक्ष्यों और गवाहों की जानकारी
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता, अपर लोक अभियोजक राज किशोर विश्वकर्मा ने बताया कि अदालत में कुल आठ गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई। इसके आधार पर अदालत ने दोनों दोषियों को शस्त्र अधिनियम की धारा 27 एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया। वहीं, मामले के अन्य दो अभियुक्त राज नारायण सिंह और चंदन सिंह को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
