Bihar: एसिड पीने से पूरी तरह जल चुका था पेट, नहीं पच रहा था खाना, फिर हुआ ऑपरेशन और बच गई जान, खर्चा आया जीरो
Bihar: GMCH पूर्णिया के सर्जरी विभाग ने एसिड पीने से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त आमाशय वाले 45 वर्षीय मरीज का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया। डॉक्टरों की टीम ने गैस्ट्रोजेजुनोस्टॉमी सर्जरी के जरिए भोजन के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया। यह जटिल इलाज निःशुल्क किया गया।
विस्तार
पूर्णिया जीएमसीएच के सर्जरी विभाग ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा का परिचय देते हुए एक अत्यंत जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों की टीम ने एसिड सेवन के कारण गंभीर रूप से बीमार 45 वर्षीय मरीज को नया जीवन दिया है। यह सफलता न केवल अस्पताल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि सीमांचल के गरीब मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।
पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया था आमाशय
कटिहार जिले के कोढ़ा निवासी दिलीप महतो ने करीब डेढ़ महीने पहले एसिड का सेवन कर लिया था। इस घातक रसायन के कारण उनके आमाशय (स्टमक) का निचला हिस्सा पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया था। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि भोजन का आगे बढ़ना पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। पिछले डेढ़ महीने से मरीज जो भी खाता, वह उल्टी के जरिए बाहर निकल जाता था।उचित पोषण न मिलने के कारण मरीज का वजन महज 45 दिनों में 10 किलोग्राम तक घट गया और वह अत्यंत कमजोर हो गया। अस्पताल पहुंचने पर एंडोस्कोपी के माध्यम से जले हुए हिस्से की सटीक पहचान की गई।
डॉ. तारकेश्वर कुमार के नेतृत्व में हुआ ऑपरेशन
पूर्णिया जीएमसीएच के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर कुमार के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने गैस्ट्रोजेजुनोस्टॉमी नामक जटिल ऑपरेशन किया। इस सर्जरी में आमाशय के अवरुद्ध हिस्से को बाईपास कर भोजन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाता है।
डॉ. संजय कुमार स्वयं ऑपरेशन थिएटर में रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन के दौरान अधीक्षक डॉ. संजय कुमार स्वयं ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रहे और डॉक्टरों का मार्गदर्शन व उत्साहवर्धन करते रहे। टीम में सर्जन डॉ. अमर और डॉ. अपराजिता के साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार शामिल थे। साथ ही डॉ. डेनिस, डॉ. आशीष और अन्य सहयोगी स्टाफ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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पूरी तरह निःशुल्क हुआ ऑपरेशन
आमतौर पर इस प्रकार की जटिल और संवेदनशील सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में मरीजों को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन जीएमसीएच पूर्णिया में यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिली है। सर्जरी विभाग की इस उपलब्धि से न केवल अस्पताल की विश्वसनीयता बढ़ी है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्थानीय मरीजों को बड़े शहरों या निजी अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं है।
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