{"_id":"6a572954f946037dc40901e5","slug":"deo-office-clerk-suspended-for-forging-letter-pad-and-signature-diet-sonpur-becomes-headquarters-saran-news-c-1-1-noi1450-4503475-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: सांसद के फर्जी हस्ताक्षर और अवैध भुगतान! क्लर्क पर गिरी निलंबन की गाज, 45 दिनों में जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: सांसद के फर्जी हस्ताक्षर और अवैध भुगतान! क्लर्क पर गिरी निलंबन की गाज, 45 दिनों में जांच के आदेश
Wed, 15 Jul 2026 01:26 PM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 01:26 PM IST
सार
सीवान जिला शिक्षा कार्यालय के तत्कालीन निम्न वर्गीय लिपिक रंजन कुमार को फर्जी लेटर पैड के इस्तेमाल, सांसद के कथित फर्जी हस्ताक्षर और अवैध भुगतान के आरोप में निलंबित कर दिया है। क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
सांसद विजयलक्ष्मी और जिला शिक्षा कार्यालय
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सारण प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) संजय कुमार ने सीवान जिला शिक्षा कार्यालय के तत्कालीन निम्न वर्गीय लिपिक रंजन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लिपिक पर अमर्यादित आचरण, फर्जी लेटर पैड के दुरुपयोग और अवैध भुगतान जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। विभाग ने मामले में नियमित अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
डीईओ की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
निलंबन आदेश में कहा गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), सीवान द्वारा रंजन कुमार के विरुद्ध आरोप-पत्र (प्रपत्र 'क') गठित कर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। प्रारंभिक जांच में लिपिक की कार्यशैली संदिग्ध पाई गई। साथ ही अवैध भुगतान से जुड़े आरोपों को भी प्रथम दृष्टया गंभीर माना गया।
सांसद ने दर्ज कराई थी शिकायत
मामले में स्थानीय सांसद विजयलक्ष्मी देवी ने भी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रंजन कुमार ने उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर किए और उनके लेटर पैड का दुरुपयोग किया। सांसद ने संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की थी।
विज्ञापन
स्पष्टीकरण नहीं देने पर निलंबन
आरोपों के बाद विभाग की ओर से रंजन कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपों के संदर्भ में प्रतिकूल माना और तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया।
ये भी पढ़ें- दोस्ती, प्यार और फिर खौफनाक अंत! खुदनेश्वर धाम में जिसकी मांग भरी, क्या वही बन गई मौत की वजह?
सोनपुर डायट बनाया गया मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान रंजन कुमार का मुख्यालय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सोनपुर (सारण) निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें बिहार सरकारी सेवक नियमावली के प्रावधानों के अनुसार जीवनयापन भत्ता दिया जाएगा। भत्ते का भुगतान अनुपस्थिति विवरणी प्राप्त होने के बाद संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा।
45 दिनों में जांच पूरी करने के निर्देश
आरडीडीई ने मामले की विभागीय जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज को संचालन पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सीवान को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया है।जांच पदाधिकारी को आरोप-पत्र जारी होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। वहीं, आरोपित कर्मचारी को आरोप-पत्र प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर अपना लिखित पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।
विज्ञापन
डीईओ की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
निलंबन आदेश में कहा गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), सीवान द्वारा रंजन कुमार के विरुद्ध आरोप-पत्र (प्रपत्र 'क') गठित कर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। प्रारंभिक जांच में लिपिक की कार्यशैली संदिग्ध पाई गई। साथ ही अवैध भुगतान से जुड़े आरोपों को भी प्रथम दृष्टया गंभीर माना गया।
विज्ञापन
सांसद ने दर्ज कराई थी शिकायत
मामले में स्थानीय सांसद विजयलक्ष्मी देवी ने भी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रंजन कुमार ने उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर किए और उनके लेटर पैड का दुरुपयोग किया। सांसद ने संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की थी।
विज्ञापन
स्पष्टीकरण नहीं देने पर निलंबन
आरोपों के बाद विभाग की ओर से रंजन कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपों के संदर्भ में प्रतिकूल माना और तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया।
ये भी पढ़ें- दोस्ती, प्यार और फिर खौफनाक अंत! खुदनेश्वर धाम में जिसकी मांग भरी, क्या वही बन गई मौत की वजह?
सोनपुर डायट बनाया गया मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान रंजन कुमार का मुख्यालय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सोनपुर (सारण) निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें बिहार सरकारी सेवक नियमावली के प्रावधानों के अनुसार जीवनयापन भत्ता दिया जाएगा। भत्ते का भुगतान अनुपस्थिति विवरणी प्राप्त होने के बाद संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा।
45 दिनों में जांच पूरी करने के निर्देश
आरडीडीई ने मामले की विभागीय जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज को संचालन पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सीवान को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया है।जांच पदाधिकारी को आरोप-पत्र जारी होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। वहीं, आरोपित कर्मचारी को आरोप-पत्र प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर अपना लिखित पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।