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ICSE Topper : दसवीं की नेशनल टॉपर बिहार की शांभवी कैसे बनी? गांव की लड़की ने रचा इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2026 01:00 PM IST
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सार
गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड के हलवार पिपरा गांव की शांभवी तिवारी ने नेशनल टॉपर बनकर इतिहास रच दिया। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। जमशेदपुर में रहकर पढ़ाई कर रही शांभवी को अपने शिक्षित माता-पिता से मार्गदर्शन मिला।
शांभवी तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के गोपालगंज जिले का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गर्व से चमका है। बरौली प्रखंड के छोटे से गांव हलवार पिपरा (तिवारी टोला) की बेटी शांभवी तिवारी ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर इतिहास रच दिया है। शांभवी ने नेशनल टॉपर बनकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले और बिहार का मान बढ़ाया है।
मेहनत और लगन से हासिल की सफलता
शांभवी की यह उपलब्धि उनकी वर्षों की मेहनत, लगन और एकाग्रता का परिणाम है। मूल रूप से गोपालगंज की रहने वाली शांभवी अपने माता-पिता के साथ झारखंड के जमशेदपुर में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। एक मेधावी छात्रा के रूप में पहचान बनाने वाली शांभवी ने साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
शिक्षित परिवार से मिला मजबूत आधार
शांभवी की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान है। उनके पिता और माता दोनों ही शिक्षा और संचार के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। पिता राकेश रमन जमशेदपुर के आदित्यपुर स्थित ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनकी माता निभा सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल में पीजीटी केमिस्ट्री की शिक्षिका हैं। घर में शैक्षणिक माहौल होने के कारण शांभवी को बचपन से ही पढ़ाई के प्रति सही दिशा और मार्गदर्शन मिला। उनकी माता, जो खुद विज्ञान की विशेषज्ञ हैं, उनके लिए एक मजबूत मार्गदर्शक साबित हुईं।
ये भी पढ़ें: CM सम्राट की विद्यार्थियों को तोहफा; अनुदान किया डबल, 10 हजार छात्रों की जेब में आएंगे ज्यादा पैसे
इकलौती संतान, बड़ी जिम्मेदारी
शांभवी अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। माता-पिता ने उनकी पढ़ाई और सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। शांभवी ने भी उनकी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए नेशनल टॉपर बनकर परिवार का नाम रोशन किया है। शांभवी की इस उपलब्धि से उनके गांव हलवार पिपरा सहित पूरे गोपालगंज जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी सफलता को जिले के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं।
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मेहनत और लगन से हासिल की सफलता
शांभवी की यह उपलब्धि उनकी वर्षों की मेहनत, लगन और एकाग्रता का परिणाम है। मूल रूप से गोपालगंज की रहने वाली शांभवी अपने माता-पिता के साथ झारखंड के जमशेदपुर में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। एक मेधावी छात्रा के रूप में पहचान बनाने वाली शांभवी ने साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
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शिक्षित परिवार से मिला मजबूत आधार
शांभवी की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान है। उनके पिता और माता दोनों ही शिक्षा और संचार के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। पिता राकेश रमन जमशेदपुर के आदित्यपुर स्थित ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनकी माता निभा सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल में पीजीटी केमिस्ट्री की शिक्षिका हैं। घर में शैक्षणिक माहौल होने के कारण शांभवी को बचपन से ही पढ़ाई के प्रति सही दिशा और मार्गदर्शन मिला। उनकी माता, जो खुद विज्ञान की विशेषज्ञ हैं, उनके लिए एक मजबूत मार्गदर्शक साबित हुईं।
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इकलौती संतान, बड़ी जिम्मेदारी
शांभवी अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। माता-पिता ने उनकी पढ़ाई और सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। शांभवी ने भी उनकी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए नेशनल टॉपर बनकर परिवार का नाम रोशन किया है। शांभवी की इस उपलब्धि से उनके गांव हलवार पिपरा सहित पूरे गोपालगंज जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी सफलता को जिले के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं।
