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Bihar News: सरयू नदी में डूबकर तीन मासूमों की मौत, दो बच्चे बचाए गए, गांव में मातम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:13 AM IST
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सार
सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र के मटियार गांव के समीप सरयू नदी में मनवमी और चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन पांच बच्चे लकड़ी काटने और पानी पीने के लिए गए थे। पानी में पैर फिसलने से तीन बच्चे डूब गए और उनकी मौत हो गई, जबकि दो बच्चे किसी तरह बच गए।
मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र के मटियार गांव के समीप सरयू नदी में एक दुखद हादसा हुआ। लकड़ी काटने और चुनने के लिए गए पांच बच्चे नदी में उतरते ही अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चले गए। बचाने की कोशिश में तीन मासूमों की जिंदगी नहीं बच पाई, जबकि दो बच्चे किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। यह घटना पूरे गांव में गम और शोक की लहर दौड़ा गई।
मासूमों की पहचान और घटना का कारण
स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, बच्चों का परिवार घर में गैस की किल्लत के कारण खाना बनाने में परेशान था। इसे दूर करने के लिए बच्चे सरयू नदी किनारे लकड़ी काटने गए थे। मृतकों में मटियार पंचायत के पप्पू महतो के दस वर्षीय पुत्र और बारह वर्षीय पुत्री के अलावा, बैगमंर गांव की एक युवती शामिल है।
ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों बच्चे पहले घोघर नदी के किनारे खेल रहे थे और मछली पकड़ने के लिए पानी में चले गए। अचानक गहरे पानी में जाने से तीनों डूब गए। आसपास बचाने वाला कोई मौजूद नहीं था। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और तीनों बच्चों को नहीं बचाया जा सका।
ये भी पढ़ें: फर्जी बीएड अंकपत्र पर बनी शिक्षिका, निगरानी जांच में खुला बड़ा खेल, अब दर्ज हुआ केस
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही मांझी थाने के थानाध्यक्ष विनोद कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया। प्रशासन द्वारा भी आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गांव में शोक
इस हृदयविदारक घटना के बाद मटियार गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां सुबह तक पूजा और उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और पंचायत के जनप्रतिनिधि परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं। लोग इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे को लेकर बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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मासूमों की पहचान और घटना का कारण
स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, बच्चों का परिवार घर में गैस की किल्लत के कारण खाना बनाने में परेशान था। इसे दूर करने के लिए बच्चे सरयू नदी किनारे लकड़ी काटने गए थे। मृतकों में मटियार पंचायत के पप्पू महतो के दस वर्षीय पुत्र और बारह वर्षीय पुत्री के अलावा, बैगमंर गांव की एक युवती शामिल है।
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ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों बच्चे पहले घोघर नदी के किनारे खेल रहे थे और मछली पकड़ने के लिए पानी में चले गए। अचानक गहरे पानी में जाने से तीनों डूब गए। आसपास बचाने वाला कोई मौजूद नहीं था। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और तीनों बच्चों को नहीं बचाया जा सका।
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पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही मांझी थाने के थानाध्यक्ष विनोद कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया। प्रशासन द्वारा भी आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गांव में शोक
इस हृदयविदारक घटना के बाद मटियार गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां सुबह तक पूजा और उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और पंचायत के जनप्रतिनिधि परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं। लोग इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे को लेकर बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।