Bihar : नगरपालिका निर्वाचन में बिहार रचेगा नया इतिहास, मतगणना में पहली बार होगा टोटलाइजर का लाइव इस्तेमाल
Bihar : नगरपालिका निर्वाचन को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग युद्ध स्तर पर तैयारी रही हैं। बिहार के निर्वाचन इतिहास में पहली बार में अत्याधुनिक ई.वी.एम. और टोटलाइजर मशीन का उपयोग किया जाएगा।
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बिहार राज्य निर्वाचन आयोग एक बार फिर चुनावी इतिहास में बड़ा सुधार करने जा रहा है। आगामी नगरपालिका निर्वाचन, 2026 को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में, बिहार के निर्वाचन इतिहास में पहली बार नगर निकाय चुनाव में अत्याधुनिक मल्टी पोस्ट एस3 मॉडल ई.वी.एम. और टोटलाइजर मशीन का प्रत्यक्ष रूप से उपयोग किया जाएगा। इस ऐतिहासिक शुरुआत को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद के मार्गदर्शन में राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय, पटना में दो दिवसीय विशेष तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में पटना, सारण, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण और सीवान जिलों के मास्टर ट्रेनर्स, आई.टी. मैनेजर्स और डी.आई.ओ. स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए।
आयोग की अभिनव देन है टोटलाइजर मशीन
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि यह अभिनव प्रयास नगर निकाय चुनावों को तकनीकी रूप से अधिक सुदृढ़, स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक दूरगामी कदम है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि S3 मॉडल ईवीएम में टोटलाइजर जैसा तकनीकी विस्तार विशेष रूप से राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार की ही अनूठी देन है। इसका पहली बार किसी मतगणना प्रक्रिया में लाइव प्रयोग किया जाएगा।
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क्या है टोटलाइजर मशीन और इसकी मुख्य विशेषताएं?
मतगणना के दिन परिणाम की निष्पक्षता, शुचिता तथा पारदर्शिता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक मतगणना हॉल में टोटलाइजर मशीन का उपयोग किया जाएगा। इसकी कई विशेषताएं हैं। इसके माध्यम से मतगणना परिणाम को किसी भी बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जा सकता है। परिणाम को पदवार, अभ्यर्थीवार तथा चरणवार देखा जा सकता है। साथ ही पदवार और अभ्यर्थीवार परिणामों को समेकित रूप से भी देखा जा सकता है। इसकी सहायता से पूर्व के चरणों का परिणाम अथवा पूर्व के किसी मतदान केंद्र पर प्रयुक्त सीयू के अभ्यर्थीवार मतगणना परिणाम को देखा जा सकता है। साथ ही मतगणना के आंकड़ों को आयोग के केंद्रीयकृत सर्वर पर सुरक्षित संधारित भी किया जा सकता है।
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राज्य निर्वाचन आयुक्त की दूरगामी सोच
प्रशिक्षण सत्र के समापन के अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि नगरपालिका निर्वाचन के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में इस नई मशीन का सटीक उपयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल राज्य के भीतर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि आने वाले समय में पूरे देश की चुनावी व्यवस्था के लिए एक रोल मॉडल बनेगा। यह नवाचार साबित करता है कि बिहार प्रशासनिक और तकनीकी सुधारों के मामले में देश का नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से ही जमीनी स्तर पर सुचारू रूप से चुनाव संचालन कराया जा सकता है, इसलिए इस तकनीकी ज्ञान का जिला एवं निकाय स्तर तक शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।