Viral Video: 'टिकट बुक किया, फिर पता चला वेटिंग में हैं', विदेशी लड़की ने बताया भारतीय ट्रेन का अनुभव
Viral Video: डेनमार्क की डिजिटल कंटेंट क्रिएटर एम्मा होल्म ने भारत में अपनी पहली स्लीपर ट्रेन यात्रा का अनुभव इंस्टाग्राम पर साझा किया है। उन्होंने टिकट की वेटिंग लिस्ट, एक सीट पर तीन लोगों का सफर, ट्रेन की भीड़, चाय बेचने वालों और अलग-अलग संस्कृतियों से भरे माहौल का जिक्र किया। उनका वीडियो 15 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
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विस्तार
भारत घूमने आने वाले विदेशी पर्यटक अक्सर यहां की संस्कृति, खानपान और मेहमान नवाजी की तारीफ करते नजर आते हैं। लेकिन भारतीय रेलवे का अनुभव भी उनके सफर का ऐसा हिस्सा बन जाता है, जिसे वे लंबे समय तक याद रखते हैं। इन दिनों डेनमार्क की डिजिटल कंटेंट क्रिएटर एम्मा होल्म का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी पहली भारतीय स्लीपर ट्रेन यात्रा का अनुभव साझा किया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
एम्मा पिछले कुछ हफ्तों से भारत के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा कर रही हैं और अपने अनुभव इंस्टाग्राम पर साझा कर रही हैं। उनकी हालिया पोस्ट भारतीय रेलवे की स्लीपर ट्रेन यात्रा पर आधारित है, जिसे खबर लिखे जाने तक 5 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में एम्मा बताती हैं कि भारत में एक विदेशी के लिए ट्रेन का टिकट बुक करना ही अपने आप में एक अलग अनुभव है। उन्होंने लिखा कि जब उन्हें लगा कि टिकट बुक हो गया है, तब बाद में पता चला कि वे वेटिंग लिस्ट में हैं। उनके मुताबिक कई बार वेटिंग लिस्ट काफी लंबी भी हो सकती है।
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बताया टिकट बुक करने का अनुभव
एम्मा ने बताया कि उन्होंने अपने दो साथियों के साथ तीन टिकट बुक किए थे। उनमें से केवल एक टिकट कंफर्म हुआ था। हालांकि, उन्हें जानकारी मिली कि अगर समूह में कम से कम एक इंसान का टिकट कंफर्म हो तो बाकी लोग भी ट्रेन में चढ़कर साथ यात्रा कर सकते हैं। इसी वजह से तीनों ने यात्रा शुरू की। उन्होंने आगे बताया कि सफर के शुरुआती कुछ घंटे तीनों को एक ही सीट पर बैठकर बिताने पड़े। उनके मुताबिक रातभर की यात्रा के लिए यह बहुत आरामदायक शुरुआत नहीं थी। हालांकि बाद में स्थिति बेहतर हो गई। रात होने पर उन्हें दो और बर्थ मिल गईं, जिससे वे कुछ हद तक आराम से सो सके।
कभी नहीं भूलने जैसा अनुभव
एम्मा ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि ट्रेन अलग-अलग संस्कृतियों और राज्यों के लोगों से भरी हुई थी। यात्रियों के पास अलग-अलग तरह का खाना था, जिसकी खुशबू पूरे डिब्बे में महसूस हो रही थी। इसके अलावा उन्होंने कोच में बार-बार चाय बेचने वालों के आने और भीड़भाड़ का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक इन सबके बावजूद यात्रा अच्छी तरह पूरी हुई और यह ऐसा अनुभव है जिसे वे कभी नहीं भूलेंगी।