Bihar News: जब मगरमच्छ लेकर थाने पहुंच गया युवक, बिहार का VIDEO देख लोग बोले- गजब हिम्मत!
बिहार के सुपौल जिले के भीमनगर थाना क्षेत्र में एक युवक ने धान के खेत में मिले मगरमच्छ का साहसिक तरीके से रेस्क्यू किया और उसे कंधे पर उठाकर पहले वन विभाग के कार्यालय, फिर थाने पहुंच गया। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को अपने कब्जे में लेकर जांच के बाद सुरक्षित कोसी नदी में छोड़ दिया।
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बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इंडो-नेपाल सीमा से सटे भीमनगर थाना क्षेत्र में एक युवक ने खेत में मिले मगरमच्छ का रेस्क्यू किया और उसे कंधे पर उठाकर पहले वन विभाग के कार्यालय और फिर सीधे थाने पहुंच गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखकर लोग युवक की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं, हालांकि वन विभाग ने इसे बेहद जोखिम भरा कदम बताते हुए लोगों से ऐसी कोशिश न करने की अपील की है।
धान के खेत में दिखा मगरमच्छ, मच गई अफरातफरी
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर भीमनगर थाना क्षेत्र के लालपुर वार्ड-14 निवासी अमित कुमार पासवान अपने धान के खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक मगरमच्छ पर पड़ी। मगरमच्छ को देखते ही उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और इलाके में अफरातफरी मच गई।
ग्रामीणों की मदद से किया रेस्क्यू
अमित कुमार पासवान ने कुछ ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इसके बाद मगरमच्छ को मोटी रस्सी से सुरक्षित बांध दिया गया। रेस्क्यू के बाद अमित मगरमच्छ को कंधे पर उठाकर कटैया स्थित वन विभाग के स्थानीय कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
वन विभाग का कार्यालय बंद मिला तो मगरमच्छ लेकर पहुंचा थाना
अमित ने बताया कि वन विभाग के कार्यालय में काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कोई कर्मचारी नहीं आया। इसके बाद वह मगरमच्छ को लेकर सीधे भीमनगर थाना पहुंच गए। पुलिस ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद विभाग की टीम थाने पहुंची और मगरमच्छ को अपने कब्जे में ले लिया। आवश्यक जांच और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सुरक्षित ले जाया गया।
कोसी नदी में सुरक्षित छोड़ा गया मगरमच्छ
वन विभाग के फॉरेस्टर रवि रंजन ने बताया कि युवक द्वारा सौंपे गए मगरमच्छ की लंबाई करीब 4 फीट 6 इंच थी। जांच में मगरमच्छ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से कोसी नदी में छोड़ दिया गया।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
फॉरेस्टर रवि रंजन ने कहा कि जिस तरह युवक ने मगरमच्छ का रेस्क्यू किया, वह काफी साहसिक जरूर है, लेकिन आम लोगों के लिए ऐसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से जंगली जीव कई बार रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को खुद जोखिम उठाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों की सतर्कता और सहयोग की सराहना करते हुए अपील की कि कहीं भी वन्यजीव दिखाई देने पर अफवाह फैलाने के बजाय तुरंत वन विभाग को जानकारी दें, ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
कुशहा त्रासदी के बाद बढ़ी वन्यजीवों की आवाजाही
वर्ष 2008 की कुशहा त्रासदी के बाद सुपौल के वीरपुर और आसपास के इलाकों में वन्यजीवों का दिखना आम बात हो गई है। इस क्षेत्र में अक्सर मगरमच्छ, हिरण, जंगली भैंस और हाथी जैसे वन्यजीव देखे जाते हैं। इसी वजह से यहां वन विभाग की विशेष टीम भी तैनात रहती है। छोटे-बड़े जलस्रोतों में मगरमच्छ का मिलना अब इस इलाके में सामान्य घटना बन चुकी है। हालांकि, यह पहली बार सामने आया है जब किसी व्यक्ति ने मगरमच्छ को कंधे पर उठाकर थाने तक पहुंचा दिया। यही वजह है कि इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।