Bihar News: 9 फीट ऊंचे अर्धनारीश्वर के साथ निकले 26 शिवभक्त, बाबा धाम यात्रा में हर कोई कर रहा सलाम
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आए 26 शिवभक्त 9 फीट ऊंची भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप वाली विशाल कांवड़ लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए हैं। करीब 100 किलोग्राम वजनी इस कांवड़ को चार श्रद्धालु कंधों पर उठाकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं।
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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में हर साल शिवभक्त अपनी अनोखी आस्था और भक्ति से श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करते हैं। इस बार पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आए 26 शिवभक्तों का जत्था 9 फीट ऊंची भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप वाली विशाल कांवड़ लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुआ है। करीब 100 किलोग्राम वजनी इस भव्य कांवड़ को एक साथ चार श्रद्धालु अपने कंधों पर उठाकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। इसकी भव्यता और कलात्मक स्वरूप श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
अर्धनारीश्वर स्वरूप की भव्य कांवड़ ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले कच्ची कांवरिया पथ पर यह अनोखी कांवड़ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप में तैयार की गई करीब 9 फीट ऊंची प्रतिमा को देखने के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। लोग इसकी तस्वीरें और वीडियो भी बना रहे हैं।
35 वर्षों से निभा रहे हैं अनोखी भक्ति की परंपरा
कोलकाता निवासी विशाल सिंह ने बताया कि उनकी टोली पिछले 35 वर्षों से लगातार सावन में सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरती है और करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण करती है।
उन्होंने बताया कि उनकी टोली हर वर्ष अलग-अलग थीम पर भव्य कांवड़ तैयार कराती है। पिछले वर्ष वे भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी महाराज और भगवान गणेश की झांकी वाली विशाल डोली लेकर बाबा धाम पहुंचे थे। इस बार भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की कांवड़ तैयार कराई गई है, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
100 किलो वजनी कांवड़, चार श्रद्धालु उठा रहे कंधों पर
विशाल सिंह ने बताया कि इस प्रतिमा की ऊंचाई करीब 9 फीट और वजन लगभग 100 किलोग्राम है। भगवान शिव के त्रिशूल पर आकर्षक एलईडी लाइट भी लगाई गई है, जिससे रात के समय इसकी भव्यता और अधिक बढ़ जाती है। अधिक वजन होने के कारण इस विशाल कांवड़ को एक साथ चार शिवभक्त अपने कंधों पर उठाकर यात्रा कर रहे हैं।
डेढ़ महीने में तैयार हुई भव्य प्रतिमा
टोली के सदस्य कार्तिक मंडल ने बताया कि इस विशेष प्रतिमा को ऑर्डर देकर तैयार कराया गया है। इसे बनाने में करीब डेढ़ महीने का समय लगा। उन्होंने बताया कि उनकी टोली में कुल 26 श्रद्धालु शामिल हैं। सभी पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित दक्षिण गढ़ी, 24 नंबर रेलवे गेट क्षेत्र के निवासी हैं। यह जत्था नंदेश्वर महादेव के बैनर तले हर वर्ष बाबा धाम की यात्रा करता है। कार्तिक मंडल ने बताया कि वर्षों तक उनके वरिष्ठ इस परंपरा का निर्वहन करते रहे। अब नई पीढ़ी भी उसी श्रद्धा, उत्साह और समर्पण के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।