होटल-रेस्टोरेंट में खाना खाने का शौक तो सभी को होता है। ऑनलाइन फूड की व्यवस्था शुरू हो जाने के बाद यह अब और आसान भी हो गया है। क्योंकि अब बाहर का खाना खाने के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होती है। हम घर बैठे-बैठे कहीं से भी ऑडर कर देते हैं। यह देखने की जहमत भी नहीं उठाते कि जिस जगह से पैक होकर खाना आ रहा है। क्या वहां साफ सफाई व इससे जुड़ी अन्य बातों का ध्यान रखा जाता है। जिसे हम खा रहे हैं क्या वाकई वह खाने के लायक है। खैर, यहां आपको डराने की कोशिश नहीं की जा रही है बल्कि सचेत होने की सलाह दी जा रही है। क्योंकि होटल के खाने से जुड़ी एक ऐसी सच्चाई सामने आई जिसे जानने के बाद आपका पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाएगा।
पार्सल से आ रही थी भयानक बदबू, RPF जवान ने खुलवाकर देखा तो निकला कुछ ऐसा, नहीं होगा विश्वास
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घटना 17 नवंबर की है। तमिलनाडु के चेन्नई एग्मोर स्टेशन पर सुबह 10.30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर भगत की कोठी मन्नारगुड़ी ट्रेन आकर रुकी। जैसे ही ट्रेन रुकी तो लोग जल्दी जल्दी पार्सल के डिब्बे उतारने लगे। डिब्बे काफी भारी थे और संख्या में 11 थे। लेकिन उनसे भयानक बदबू आ रही थी। बदबू इतनी थी कि पूरा प्लेटफॉर्म विचलित हो गया था।
वहां मौजूद आरपीएफ जवान को शक हुआ तो उन्होंने उन लड़कों को रोका जो बॉक्स उतार रहे थे। लेकिन खाकी वर्दी देखते ही वो सारा सामान देखकर वो भाग खड़े हुए।
लड़कों के भाग जाने के बाद आरपीएफ जवानों ने डिब्बा खोला तो वहां मौजूद लोगों के सिर से पांव तक कंपकंपी छूट गई। डिब्बों में कुत्ते का जमा हुआ मांस (फ्रोजन मीट) भरा हुआ था। कुत्तों के कटे हुए सिर और पैर पड़े हुए थे। आरपीएफ के जवानों ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को बुलाया और पार्सल का वजन कराया। वजन देखने के बाद सब सन्न रह गए।
11 डिब्बों का वजन 1100 किलो नापा गया। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट का कहना है कि यह मांस तमिलनाडु में राजस्थानी सस्ते मीट के नाम से बेचा जाता है। इसी तरह कई अन्य राज्यों में सस्ते मीट के नाम पर परोसा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक यह पार्सल गुजरात के गांधीधाम से बुक कराए गए थे।