Gold Silver Price: 600 रुपये सस्ता हुआ सोना, 1.64 लाख पर आया भाव; जानें बाजार का पूरा हाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से सोने की कीमतों में 600 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, भाव 1.64 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आया। सर्राफा बाजार, चांदी के रेट और वैश्विक हलचल का पूरा हाल जानने के लिए पढ़ें हमारी विस्तृत रिपोर्ट।
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सोने की लगातार आसमान छूती कीमतों के बीच त्योहारी और शादी के सीजन में खरीदारी का मन बना रहे लोगों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत में प्रारंभिक प्रगति के संकेतों के बाद सर्राफा बाजार में सोने की तेजी पर ब्रेक लग गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को सोने का भाव 600 रुपये टूटकर 1.64 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। इस गिरावट के साथ ही पिछले तीन दिनों से सोने की कीमतों में जारी तेजी का सिलसिला भी थम गया है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हैं दाम?
स्थानीय बाजार के जानकारों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 600 रुपये की गिरावट के साथ 1,64,900 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गई है। हालांकि, सोने के विपरीत चांदी की चमक बरकरार है। सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो हाजिर सोना (Spot Gold) मामूली गिरावट के साथ 4,522.32 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। वहीं, वैश्विक स्तर पर चांदी 1 प्रतिशत फिसलकर 75.87 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।
सोने की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह
सर्राफा बाजार में इस मौजूदा उतार-चढ़ाव के पीछे भू-राजनीतिक घटनाक्रम बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के मुताबिक, सर्राफा बाजार में हालिया अस्थिरता मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान संबंधों, भारतीय रुपये में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों के कारण है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ईरान के साथ चल रही बातचीत में 'प्रारंभिक प्रगति' की बात स्वीकार की है। इस कूटनीतिक प्रगति की खबरों से निवेशकों की घबराहट कम हुई है, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में कमी आई है।
विवाद का पेंच अब भी बरकरार
भले ही दोनों देशों के बीच दूरियां कम हो रही हों, लेकिन बाजार पूरी तरह से तनावमुक्त नहीं हुआ है। मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण जैसे मुद्दे अब भी विवादित बने हुए हैं। मार्को रुबियो ने भी होर्मुज पर नियंत्रण को एक बड़ा अड़चन बताया है। इसी बीच, वाशिंगटन ने चेतावनी दी है कि इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग से जहाजों की आवाजाही 'टोल-फ्री' रहनी चाहिए।
अब आगे क्या उम्मीद?
अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक संकेतों ने सोने की कीमतों में फिलहाल नरमी ला दी है। लेकिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनसुलझा विवाद निवेशकों को सतर्क रखे हुए है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक स्तर पर यह शांति वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है।