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Rupee Fall: रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 91.93 पर पहुंचा, जानिए क्या है गिरावट का कारण
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 23 Jan 2026 04:12 PM IST
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सार
रुपये में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 91.93 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
रुपया बनाम डॉलर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुद्रा बाजार में भारी उथल-पुथल का दौर जारी है। भारतीय मुद्रा रुपये में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। डॉलर की मजबूती और बाजार के दबाव के चलते रुपये ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जो आयातकों और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
ताजा कारोबारी सत्र के अंत में, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 91.93 (अस्थायी) पर स्थिर हुआ। यह आंकड़ा 'प्रोविजनल' (अस्थायी) क्लोजिंग का है, जो दर्शाता है कि मुद्रा पर दबाव कितना तीव्र है। यह गिरावट मुद्रा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक पड़ाव है।
91.93 का यह स्तर मनोवैज्ञानिक और तकनीकी रूप से बेहद अहम है। मुद्रा की यह 'रिकॉर्ड गिरावट' न केवल आयात को महंगा करेगी, बल्कि चालू खाता घाटे और महंगाई पर भी सीधा असर डाल सकती है। 91.93 के स्तर पर रुपये का बंद होना नीति निर्माताओं और केंद्रीय बैंक के लिए खतरे की घंटी है। बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि क्या यह गिरावट जारी रहती है या इसमें कोई सुधार देखने को मिलता है।
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ताजा कारोबारी सत्र के अंत में, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 91.93 (अस्थायी) पर स्थिर हुआ। यह आंकड़ा 'प्रोविजनल' (अस्थायी) क्लोजिंग का है, जो दर्शाता है कि मुद्रा पर दबाव कितना तीव्र है। यह गिरावट मुद्रा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक पड़ाव है।
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91.93 का यह स्तर मनोवैज्ञानिक और तकनीकी रूप से बेहद अहम है। मुद्रा की यह 'रिकॉर्ड गिरावट' न केवल आयात को महंगा करेगी, बल्कि चालू खाता घाटे और महंगाई पर भी सीधा असर डाल सकती है। 91.93 के स्तर पर रुपये का बंद होना नीति निर्माताओं और केंद्रीय बैंक के लिए खतरे की घंटी है। बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि क्या यह गिरावट जारी रहती है या इसमें कोई सुधार देखने को मिलता है।