The Bonus Market Update: लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 770 अंक टूटा, निफ्टी 25100 के नीचे
Sensex-Nifty Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 769.67 अंक गिरकर 81,537.70 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 241.25 अंक गिरकर 25,048.65 अंक पर बंद हुआ।
विस्तार
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 241.25 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 25,048.65 पर बंद हुआ। इंट्राडे सत्र में यह 264.6 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 25,025.30 के निचले स्तर पर पहुंच गया था।
डॉलर के मुकाबले रुपया निचले स्तर पर बंद हुआ
विदेशी फंडों के बिकवाली दबाव और वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की भावना के बीच, रुपया शुक्रवार को सर्वकालिक निचले स्तर 92 पर पहुंच गया और अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले मामूली रूप से सुधरकर 91.88 (अस्थायी) पर बंद हुआ।बाजार में गिरावट क्यों आई? जानिए मुख्य वजहें
- भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई अहम कारण रहे। सबसे बड़ा कारण प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली रहा, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स दबाव में आ गए। सेंसेक्स के कई दिग्गज शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिसने बाजार को नीचे खींच लिया।
- दोपहर के कारोबार में एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, इंडिगो और इटरनल जैसे बड़े शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इन शेयरों में करीब 2% से लेकर 6% से अधिक तक का नुकसान हुआ, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई। अदाणी समूह के शेयरों में 13 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
- गिरावट का असर किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहा। ऑटो, मीडिया, फाइनेंशियल, रियल्टी और ऑयल एंड गैस जैसे कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। खासकर रियल्टी सेक्टर में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिसने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया।
- इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया। जनवरी महीने में लगातार 13वें कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार में नेट सेलर रहे, जिससे बाजार की चाल कमजोर बनी रही।
एशियाई बाजारों में दिखी बढ़त
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.25% चढ़ा, जबकि टॉपिक्स में 0.27% की बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.11% मजबूत हुआ और कोस्डैक 0.74% ऊपर रहा। वहीं, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने मजबूत शुरुआत के संकेत दिए।अमेरिकी शेयर बाजार में भी तेजी देखने को मिली। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 306.78 अंक यानी 0.63% बढ़कर 49,384.01 पर बंद हुआ।एसएंडपी 500 37.73 अंक यानी 0.55% की बढ़त के साथ 6,913.35 पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 211.20 अंक यानी 0.91% चढ़कर 23,436.02 पर बंद हुआ।
सकारात्मक माहौल के बाद भी दिखी बिकवाली
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक बाजार में सकारात्मक माहौल और घरेलू पीएमआई आंकड़ों के अनुकूल होने के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरना, एफआईआई द्वारा बिकवाली और भारत के प्रीमियम मूल्यांकन के बीच उम्मीदों से थोड़ा कम राजस्व परिणाम आने से बाजार में नकारात्मक माहौल बना रहा।नैयर ने आगे कहा कि निष्पादन संबंधी देरी और मुनाफावसूली के कारण रियल एस्टेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन खराब रहा, जबकि अमेरिकी नियामक द्वारा संभावित तलब की खबरों के बीच अदानी समूह के शेयरों पर दबाव आया।
कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़त
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.03 प्रतिशत बढ़कर 64.72 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। वैश्विक बाजारों में मजबूत रुझानों के बीच शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतें 114 रुपये बढ़कर 5,554 रुपये प्रति बैरल हो गईं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर, फरवरी डिलीवरी के लिए कच्चे तेल की कीमत 114 रुपये या 2.1 प्रतिशत बढ़कर 5,554 रुपये प्रति बैरल हो गई, जिसमें 14,267 लॉट का कारोबार हुआ।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 2,549.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,222.98 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गुरुवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 397.74 अंक चढ़कर 82,307.37 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक एनएसई निफ्टी 132.40 अंक चढ़कर 25,289.90 पर बंद हुआ।