Indigo Crisis: इंडिगो संकट के बाद एयरलाइन को लगा बड़ा झटका, शेयरों में चार प्रतिशत की गिरावट
इंडिगो के कमजोर तिमाही नतीजों का असर शेयर बाजार पर पड़ा। मुनाफा 78% घटने और परिचालन संकट की वजह से कंपनी के शेयरों में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर शुक्रवार को करीब 4% गिर गए। यह गिरावट तब आई जब इंडिगो ने दिसंबर तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में 78% की भारी गिरावट दर्ज की।
बीएसई पर कंपनी का शेयर 3.87% गिरकर 4,723.60 रुपये पर बंद हुआ, जबकि एनएसई पर यह 3.79% टूटकर 4,722.50 रुपये पर पहुंच गया। इसी दौरान बीएसई सेंसेक्स 46.24 अंक गिरकर 82,261.13 पर और एनएसई निफ्टी 8.20 अंक टूटकर 25,281.70 पर बंद हुआ।
तीसरी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में आई बड़ी गिरावट
कंपनी ने अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 549.1 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2,448.8 करोड़ रुपये था। इंडिगो ने बताया कि उड़ानों में भारी व्यवधान और नए श्रम कानूनों के लागू होने से कंपनी को बड़ा झटका लगा।
उड़ान व्यवधान पैदा करने के लिए इंडिगो पर लगा भारी जुर्माना
- तीसरी तिमाही में कंपनी को कुल 1,546.5 करोड़ रुपये का असर पड़ा।
- इसमें दिसंबर की शुरुआत में उड़ानों में व्यवधान से 577.2 करोड़ रुपये और नए श्रम कानूनों के कारण 969.3 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।
- इसके अलावा उड़ान व्यवधान के मामले में इंडिगो पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
- हालांकि, कंपनी की कुल आय बढ़कर 24,540.6 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 22,992.8 करोड़ रुपये थी।
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि दिसंबर की शुरुआत में बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द और देरी से परिचालन पर असर पड़ा। उन्होंने बताया कि असाधारण मदों को हटाकर कंपनी का अंतर्निहित लाभ करीब 31 अरब रुपये रहा।
इंडिगो ने दिसंबर में 2,507 उड़ानें की थी रद्द
नियामक संस्था डीजीसीए ने उड़ानों में व्यवधान के बाद इंडिगो के शीतकालीन शेड्यूल में 10% कटौती कर दी थी। 3 से 5 दिसंबर के बीच 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई, जिससे 3 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए।