Report: क्या 2035 तक करियर का कोई तय रास्ता नहीं? एआई और ऑटोमेशन के बढ़ते दबदबे को लेकर रिपोर्ट का दावा
अकाउंटेंसी समेत कई पेशों में पारंपरिक करियर मॉडल बदल रहा है। 2035 तक करियर को लेकर अनिश्चितता बढ़ेगी, इसलिए पेशेवरों को लगातार सीखने और नए कौशल अपनाने की जरूरत होगी। जानें रिपोर्ट का दावा।
विस्तार
अकाउंटेंसी पेशे में पारंपरिक, सीधी करियर सीढ़ी अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है। उसकी जगह अधिक लचीले व व्यक्तिगत करियर रास्ते ले रहे हैं। यह बात एसीसीए की नई रिपोर्ट में सामने आई है।
2035 तक करियर को लेकर सबसे बड़ी अनिश्चितता होगी
'करियर पाथों की पुनर्कल्पना : कार्य जगत में बदलाव' शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी प्रगति, जलवायु परिवर्तन और बदलती सामाजिक अपेक्षाओं के चलते अकाउंटेंसी पेशा बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2035 तक करियर को लेकर सबसे बड़ी सच्चाई अनिश्चितता होगी, इसलिए पेशेवरों को छोटे समय के करियर लक्ष्यों और लगातार सीखने की तैयारी करनी होगी।
रिपोर्ट में बदलाव के आठ प्रमुख कारकों की पहचान की गई है, जिनमें एआई का प्रभाव और व्यक्तिगत प्रेरणाओं में बदलाव शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अकाउंटेंट्स को अपने करियर में कई तरह की भूमिकाएं निभानी पड़ सकती हैं और तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में टिके रहने के लिए स्थिर रहना अब विकल्प नहीं है।
ये भी पढ़ें: Halwa Ceremony: बजट पेश होने से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी, क्या है परंपरा का महत्व? जानें सबकुछ
एआई और ऑटोमेशन इस बदलाव के मुख्य ताकत
हेलेन ब्रांड ने कहा कि पारंपरिक करियर मार्गों की जगह अब अधिक लचीले और व्यक्तिगत रास्ते ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि तकनीक, खासकर एआई और ऑटोमेशन, इस बदलाव की मुख्य ताकत है। हालांकि रिपोर्ट का दृष्टिकोण सकारात्मक है और इसमें कहा गया है कि मशीनें इंसानों का काम खत्म नहीं करेंगी, बल्कि उन्हें बेहतर बनाएंगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटोमेशन दोहराए जाने वाले कामों को संभालेगा, जिससे पेशेवर रणनीतिक और रचनात्मक कार्यों पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'हाइपर-पर्सनलाइज्ड' करियर का चलन बढ़ रहा है, जहां लोग पारंपरिक पदोन्नति की बजाय जीवनशैली और कार्य-जीवन संतुलन को प्राथमिकता दे रहे हैं। खासतौर पर जेनरेशन जी सीखने और विकास को करियर की सीढ़ी चढ़ने से ज्यादा महत्व दे रही है।
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि भविष्य का कार्यक्षेत्र पहले से ज्यादा अनिश्चित होगा, लेकिन बदलाव को अपनाने वालों के लिए विकास और सफलता के अवसर पहले से कहीं ज्यादा होंगे।