The Bonus Market Update: सेंसेक्स 790 अंक चढ़ा, निफ्टी 24 हजार के पार; जानिए इस शानदार तेजी के छह बड़े कारण
भारतीय शेयर बाजार में बड़ी तेजी! सेंसेक्स 76,991 और निफ्टी 24,021 पर हुआ बंद। बैंकिंग और आईटी शेयरों में दिखी जबरदस्त खरीदारी। जानिए बाजार के इस उछाल के प्रमुख कारण और पूरी बिजनेस रिपोर्ट।
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भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (24 जून 2026) को शानदार तेजी का रुख देखने को मिला है। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 900 से अधिक अंकों तक उछल गया, जबकि निफ्टी ने 24,050 का अहम स्तर पार कर लिया। बाजार की इस बुलिश रैली (तेजी) में फाइनेंशियल (वित्तीय) और आईटी सेक्टर के शेयरों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।
बाजार के आंकड़ों में कितनी रही तेजी और कौन से शेयर चमके?
बाजार बंद होने पर बीएसई सेंसेक्स 790.54 अंक (1.03%) की मजबूत छलांग के साथ 76,991.22 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 197.56 अंक (0.83%) की बढ़त के साथ 24,021.65 पर टिका। इस दौरान निवेशकों को करीब दो लाख करोड़ रुपये का फायदा मिला।
शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस और ट्रेंट जैसे बड़े स्टॉक्स ने सेंसेक्स की तेजी का नेतृत्व किया। सेक्टोरल आधार पर आईटी, फार्मा और प्राइवेट बैंकों के शेयरों ने बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया। हालांकि, इस तेजी के बीच भी मेटल, ऑटो और मीडिया सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा और उन्होंने बाजार को नीचे खींचने (ड्रैग) का प्रयास किया। व्यापक सूचकांकों में मिला-जुला रुझान दिखा, जो बताता है कि निवेशकों ने सतर्कता बरतते हुए चुनिंदा शेयरों में ही खरीदारी की है।
बाजार में इस शानदार तेजी के पीछे क्या हैं छह बड़े कारण?
शेयर बाजार में इस भारी उछाल के पीछे मुख्य रूप से छह अहम कारण रहे, जिन्होंने निवेशकों का भरोसा (सेंटीमेंट) बढ़ाया:
- आरबीआई गवर्नर का रुख: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी (Rate-hike) की चिंताओं को शांत कर दिया है, जिससे बाजार को बड़ी राहत मिली है।
- ग्लोबल संकेत: वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों (Global cues) ने घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल बनाया।
- ट्रेड डील की उम्मीद: भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते (Trade deal) की उम्मीदों ने निवेशकों में जोश भरा है।
- कच्चे तेल में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Oil prices) की कीमतें गिरकर 77 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
- विदेशी निवेशकों की वापसी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा बाजार में फिर से की गई खरीदारी ने तेजी को रफ्तार दी।
- आईटी और बैंकिंग में निवेश: दिग्गज आईटी और बैंक शेयरों में हुई भारी खरीदारी से मुख्य सूचकांकों को सबसे ज्यादा फायदा मिला।
वैश्विक बाजार का क्या रुख?
भारतीय बाजार की तेजी के बीच वैश्विक बाजारों की बात करें तो, लंदन के समयानुसार सुबह 9:10 बजे स्टॉक्स यूरोप 600 में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। अमेरिकी बाजार में एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.2% और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.6% की बढ़त पर रहे, हालांकि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 0.2% गिर गया। एशियाई बाजारों में भी सुस्ती दिखी, जहां एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.2% गिर गया और एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स लगभग स्थिर रहा।
व्यापक बाजार में सतर्कता के बावजूद, बैंकिंग और आईटी शेयरों के मजबूत प्रदर्शन तथा तेल की गिरती कीमतों जैसे मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स ने भारतीय शेयर बाजार को एक नई ऊर्जा दी है। अगर विदेशी निवेश का प्रवाह और वैश्विक स्थिरता इसी तरह बनी रही, तो बाजार का यह सकारात्मक मोमेंटम आगे भी जारी रह सकता है।