The Bonus Market Update: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 278 अंक टूटा, निफ्टी 77450 पर पहुंचा
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदें धूमिल होने से भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे और छठे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक ब्याज दरें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं। जानें वैश्विक बाजारों का हाल।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव निवेशकों की धारणा पर भारी पड़ा। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 278.32 अंक गिरकर 77,450.64 पर आ गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 57.65 अंक नीचे 24,230.45 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.63 फीसदी बढ़कर 91.46 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड 91 अमेरिकी डॉलर के पार चला गया है। अमेरिकी 10 साल की बॉन्ड यील्ड भी 4.73 फीसदी तक बढ़ गई है। यह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश के लिए नकारात्मक है, जो जुलाई और अगस्त में अब तक सकारात्मक रहा था। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और आय वृद्धि में सुधार बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
बाजार में गिरावट के कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। कच्चे तेल की कीमतें 91 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड में उछाल आया है। अमेरिकी 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.73 फीसदी हो गई है। यह विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए नकारात्मक संकेत है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को एफआईआई ने 2,535.10 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
किन शेयरों में गिरावट और बढ़त दर्ज हुई?
सेंसेक्स के समूह में भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा प्रमुख रूप से गिरे। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, मारुति और एक्सिस बैंक बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स सभी नीचे कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए थे।
निवेशकों की धारणा पर क्या असर पड़ा?
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में अनसुलझे तनाव ने निवेशकों की धारणा को सतर्क रखा। एक्सिस डायरेक्ट के शोध प्रमुख राजेश पालविया ने कहा कि वॉल स्ट्रीट ने भी इसी सावधानी को दर्शाया। सोमवार को सेंसेक्स 281.09 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 77,728.16 पर बंद हुआ था। निफ्टी 78.35 अंक या 0.32 फीसदी नीचे 24,287.65 पर समाप्त हुआ। यह भारतीय बाजारों में लगातार पांचवें दिन की गिरावट थी।