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घटकर 60 डॉलर तक आ सकता है कच्चा तेल: भारतीय कंपनियों को होगा फायदा, होर्मुज से आवाजाही शुरू होने से घटी चिंता

Sat, 04 Jul 2026 07:08 AM IST
Devesh Tripathi बोनस डेस्क, नई दिल्ली
बोनस डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Sat, 04 Jul 2026 07:08 AM IST
सार

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होने और खाड़ी देशों से तेल निर्यात सामान्य होने के बाद वैश्विक कच्चे तेल बाजार में आपूर्ति बढ़ने के संकेत मिले हैं। विश्लेषकों का मानना है कि कमजोर मांग और संभावित सप्लाई अधिशेष के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें वर्ष के अंत तक 60 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती हैं।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock

विस्तार

होर्मुज के आसपास तनाव कम होने से कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं लगभग खत्म हो गई हैं। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के निर्यात को सामान्य दरों की ओर बढ़ाने से क्रूड की कीमतों में गिरावट और गहरी हो गई है। चीन की कमजोर मांग और आपूर्ति में वृद्धि से अब बाजार में सप्लाई सरप्लस की संभावना बढ़ गई है। इससे क्रूड में और गिरावट की उम्मीद बढ़ गई है। 
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सिटीग्रुप ने एक रिपोर्ट में कहा, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से ब्रेंट क्रूड ने युद्ध के दौरान हुई अपनी सारी बढ़त को गंवा दी है और इसमें 30 फीसदी की गिरावट देखी गई। हालात सामान्य होने की स्थिति में ब्रेंट क्रूड के दाम इस साल के अंत तक गिरकर 60 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकते हैं। इस राहत से भारत की सरकारी तेल कंपनियों को घाटे की भरपाई करने में मदद मिलेगी, जिन्हें 30 जून तक 74,781 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत देने पर विचार कर सकती है।
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खाड़ी देशों से निर्यात युद्ध-पूर्व स्तर का 90% पहुंचा
सऊदी अरब पिछले हफ्ते के अंत में अपने विशाल रास तनुरा टर्मिनल से शिपमेंट को फिर से शुरू करने के बाद पिछले स्तर के करीब 90 फीसदी पर कच्चे तेल को लोड करने में कामयाब रहा। सऊदी अरब की यह वापसी उसके पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात जैसी ही है, जिसने पिछले महीने अपने तेल निर्यात को युद्ध-पूर्व स्तर यानी 39 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक पर बहाल कर दिया था।
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अनुमान है कि होर्मुज के रास्ते अब तेल आपूर्ति एक करोड़ बैरल प्रतिदिन से अधिक हो गई है। इससे बाजार में तेल की बाढ़ आ गई है। वह भी ऐसे समय जब युद्ध के समय अपनाए कई वैकल्पिक उपाय अब भी लागू हैं। मॉर्गन स्टेनली ने भी हाल के सप्ताहों में कच्चे तेल के मूल्य के अपने अनुमानों में दो बार कटौती की है और उभरते हुए आपूर्ति अधिशेष की चेतावनी दी है।


ऊर्जा बाजार में धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं हालात
होर्मुज के जरिये आवागमन फिर से शुरू होने के साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। इससे निकट अवधि में तेल की आपूर्ति में सुधार हुआ है, जो संघर्ष के दौरान रिफाइनरियों की ओर से वैकल्पिक स्रोतों को सुरक्षित करने की आपाधापी के बाद बड़ी राहत है।
 
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