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Mobile Recharge: बढ़ने वाला है मोबाइल खर्च, तीन-चार महीने में 15% तक महंगा होगा रिचार्ज; क्यों बढ़ेंगे दाम?

Tue, 07 Jul 2026 04:43 AM IST
Devesh Tripathi बोनस डेस्क, नई दिल्ली
बोनस डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 07 Jul 2026 04:43 AM IST
सार

ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले तीन-चार महीनों में मोबाइल रिचार्ज योजनाएं 12 से 15 प्रतिशत तक महंगी हो सकती हैं। रिपोर्ट का कहना है कि सीमित प्रतिस्पर्धा, 5जी नेटवर्क पर बड़े निवेश की भरपाई और प्रति उपयोगकर्ता आय बढ़ाने की रणनीति के चलते दूरसंचार कंपनियां टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में हैं।

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Mobile expenses set to rise recharges to become up to 15 percent costlier in three to four months know why
मोबाइल रिचार्ज की कीमतों में होगा इजाफा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

मोबाइल उपभोक्ता रीचार्ज दरों में एक और बढ़ोतरी के लिए तैयार रहें। दूरसंचार कंपनियां अगले तीन-चार महीनों में रिचार्ज प्लान 12-15 फीसदी महंगा कर सकती है, क्योंकि बाजार के एकीकरण के बाद इस क्षेत्र में कीमतों का माहौल अधिक अनुकूल हो गया है।
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ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही की टेलीकॉम एवं इंटरनेट सेक्टर प्रिव्यू रिपोर्ट में कहा, दूरसंचार बाजार में इस समय सिर्फ तीन निजी और एक सरकारी कंपनी बीएसएनएल ही बची हैं। सीमित प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनियों को दाम बढ़ाने का मौका मिल रहा है। आगामी तिमाहियों में ऐसी दो से तीन और बढ़ोतरी संभव है। हर वृद्धि करोड़ों मोबाइल उपयोगकर्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ा सकती है।
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दरअसल, दूरसंचार कंपनियां पिछले कुछ समय से मोबाइल टैरिफ में संशोधन की योजना बना रही थीं। हालांकि, प्रतिस्पर्धा के दबाव के कारण वे रुकी हुई थीं। अब, बाजार के स्थिर और सीमित होने के बाद उन्हें मोबाइल टैरिफ के दाम बढ़ाने जैसे कदम उठाने का एक साफ रास्ता दिखाई दे रहा है। दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि मुफ्त में 5जी सेवाएं देने से उन्हें वह मुनाफा नहीं मिला, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। नतीजतन, वे नेटवर्क के बुनियादी ढांचे में किए गए अपने बड़े निवेश की भरपाई मोबाइल टैरिफ बढ़ाकर करना चाहती हैं।
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1.5 फीसदी तक बढ़ेगा एआरपीयू
सेंट्रम का अनुमान है कि निजी दूरसंचार कंपनियों का प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) तिमाही-दर-तिमाही आधार पर एक से 1.5 फीसदी बढ़ेगा। इस वृद्धि के पीछे कई कारक काम कर रहे हैं।
  • पहला : अधिक उपयोगकर्ता 2जी से 4जी और 5जी नेटवर्क पर शिफ्ट हो रहे हैं।
  • दूसरा : पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है।
  • तीसरा : जुलाई-सितंबर में पिछली तिमाही की तुलना में बिलिंग के दिन अधिक हैं।
ग्राहक राजस्व बढ़ाना लक्ष्य
रिपोर्ट में कहा गया है कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं का लक्ष्य प्रति उपयोगकर्ता राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि करना है। वे प्रत्येक ग्राहक से अधिक राजस्व कमाना चाहते हैं। इसलिए, टैरिफ में बढ़ोतरी एक साथ दो लक्ष्यों को पूरा करेगी। यह पिछले निवेश की लागत वसूलने में मदद करेगी और प्रति ग्राहक भविष्य की कमाई को भी बढ़ाएगी। रिपोर्ट पुष्टि करती है कि यह कदम देरी से होने के बजाय जल्द उठाया जा सकता है।

उपभोक्ताओं की जेब पर और बढ़ेगा बोझ
बढ़ती महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता पहले से ही लोगों के बजट को प्रभावित कर रही है। अब महंगा मोबाइल रीचार्ज यह बोझ और बढ़ा देगी। देश में 100 करोड़ से ज्यादा मोबाइल ग्राहक हैं। टैरिफ में छोटी वृद्धि भी बड़ी संख्या में लोगों पर असर डालेगी।


एयरटेल और जियो की बढ़ेगी हिस्सेदारी
सेंट्रम ने कहा, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया की कीमत पर अपने ग्राहकों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना जारी रखेंगे। जियो तिमाही-दर-तिमाही 70 लाख और भारती एयरटेल 50 लाख ग्राहक जोड़ सकती है। वोडाफोन आइडिया तिमाही-दर-तिमाही सिर्फ दो लाख ग्राहक जोड़ेगी।
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