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Piyush Goyal: 'स्थिति स्पष्ट होते ही अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता शुरू करेगा भारत', केंद्रीय मंत्री का बयान
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 24 Feb 2026 10:43 PM IST
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सार
Piyush Goyal: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका में टैरिफ को लेकर स्थिति स्पष्ट होते ही भारत व्यापार वार्ता फिर से शुरू करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रेस नोट 3 के तहत चीन सहित जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने पर विचार चल रहा है। इसी सप्ताह भारत और कनाडा के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत शुरू होने की उम्मीद है। पढ़ें रिपोर्ट-
पीयूष गोयल
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि जैसे ही अमेरिका में टैरिफ को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी, भारत व्यापार वार्ता फिर से शुरू करेगा। उन्होंने यह बात तब कही, जब उनसे पूछा गया कि भारत कब अमेरिका के साथ दोबारा व्यापार वार्ता शुरू करेगा।
भारत और अमेरिका ने 22 फरवरी को तय किया था कि उनके मुख्य वार्ताकारों फिर बैठक करेंगे, जो इस सप्ताह वॉशिंगटन में प्रस्तावित थी। बैठक इसलिए होनी थी कि अंतरिम व्यापार समझौते का अंतिम मसौदा तैयार किया जा सके। भारतीय टीम 23 फरवरी से अमेरिका में तीन दिवसीय बैठक शुरू करने वाली थी।
जब उनसे पूछा गया कि भारत में चीनी निवेश को बढ़ाने के लिए प्रेस नोट 3 के तहत लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी, तो गोयल ने कहा कि मंत्रालय उद्योग के साथ संवाद में है, ताकि मुद्दों को समझा जा सके और पड़ोसी देशों के साथ निवेश को आसान बनाया जा सके, जहां संबंध बेहतर हुए हैं।
इस प्रेस नोट के तहत, भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार की अनिवार्य मंजूरी चाहिए। इन देशों में चीन भी शामिल है। गोयल ने कहा, यह प्रेस नोट 3 भारतीय उद्योग और व्यवसायों को अवसरवादी अधिग्रहण से सुरक्षित रखने के लिए लाया गया था। खासकर महामारी के समय, जब कंपनियों का मूल्यांकन बड़ी बात माना जाता है। हमारी सरकार बदलती परिस्थितियों और समय के अनुसार विचारों को सुनने वाली सरकार है। हम हमेशा नए विचारों के लिए खुले हैं और समय के साथ बदलाव के लिए तैयार भी हैं।
ये भी पढ़ें: केंद्र सरकार ने दी रबी 2026 के लिए चना, सरसों और मसूर की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद को मंजूरी
उन्होंने कहा, हम खुले दिमाग से देख रहे हैं कि चीन से बेहतर तकनीक और अधिक निवेश कैसे लाया जा सकता है। हम संवाद में हैं और देखेंगे।
गोयल ने कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए सरकार को घरेलू उद्योगों से परामर्श कर यह देखना होगा कि वास्तव में क्या करना जरूरी है। यह संतुलित कदम हो सकता है। यह चरण-दर-चरण हो सकता है। साथ ही, हम प्रक्रिया को तेज करना भी चाहेंगे। आखिरकार, यह (चीन से निवेश) प्रतिबंधित नहीं है। यह केवल अनुमोदन प्रक्रिया है। तुरंत प्रयास यह है कि अनुमोदन प्रक्रिया को तेज किया जाए और लोगों के लिए तकनीक के साथ काम करना और हमारी मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) में सहयोग बढ़ाना आसान बनाया जाए।
कनाडा के साथ एफटीए वार्ता इस सप्ताह शुरू करने की उम्मीद: गोयल
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और कनाडा इस सप्ताह के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत शुरू करने से पहले शर्तों को अंतिम रूप देने वाले हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत आएंगे। गोयल ने कहा, हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस सप्ताह के अंत तक शर्तों को अंतिम रूप देकर कनाडा के साथ एफटीए वार्ता शुरू की जाएगी।
शर्तें प्रस्तावित व्यापार समझौते के दायरे और तरीकों को बताती हैं। दोनों देश पहले भी व्यापार समझौते पर वार्ता कर रहे थे, लेकिन 2023 में कनाडा ने इसे रोक दिया था। अब दोनों ने तय किया है कि वार्ता फिर से शुरू होगी, क्योंकि पिछले दो वर्षों में वैश्विक व्यापार की स्थिति में बहुत बदलाव आया है। भारत का कनाडा को निर्यात 2023-24 के 3.84 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 4.22 अरब डॉलर हुआ, जो 9.8 फीसदी बढ़ोतरी थी। हालांकि, आयात 2023-24 के 4.55 अरब डॉलर से घटकर 2024-25 में 4.44 अरब डॉलर रहा, जो 2.33 फीसदी की कमी है। 2023 में दोनों देशों के बीच वस्तु और सेवा का द्विपक्षीय व्यापार 18.38 अरब डॉलर था। कनाडा में करीब 29 लाख भारतीय और 4,27,000 से अधिक भारतीय छात्र रहते हैं।
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भारत और अमेरिका ने 22 फरवरी को तय किया था कि उनके मुख्य वार्ताकारों फिर बैठक करेंगे, जो इस सप्ताह वॉशिंगटन में प्रस्तावित थी। बैठक इसलिए होनी थी कि अंतरिम व्यापार समझौते का अंतिम मसौदा तैयार किया जा सके। भारतीय टीम 23 फरवरी से अमेरिका में तीन दिवसीय बैठक शुरू करने वाली थी।
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जब उनसे पूछा गया कि भारत में चीनी निवेश को बढ़ाने के लिए प्रेस नोट 3 के तहत लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी, तो गोयल ने कहा कि मंत्रालय उद्योग के साथ संवाद में है, ताकि मुद्दों को समझा जा सके और पड़ोसी देशों के साथ निवेश को आसान बनाया जा सके, जहां संबंध बेहतर हुए हैं।
इस प्रेस नोट के तहत, भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार की अनिवार्य मंजूरी चाहिए। इन देशों में चीन भी शामिल है। गोयल ने कहा, यह प्रेस नोट 3 भारतीय उद्योग और व्यवसायों को अवसरवादी अधिग्रहण से सुरक्षित रखने के लिए लाया गया था। खासकर महामारी के समय, जब कंपनियों का मूल्यांकन बड़ी बात माना जाता है। हमारी सरकार बदलती परिस्थितियों और समय के अनुसार विचारों को सुनने वाली सरकार है। हम हमेशा नए विचारों के लिए खुले हैं और समय के साथ बदलाव के लिए तैयार भी हैं।
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उन्होंने कहा, हम खुले दिमाग से देख रहे हैं कि चीन से बेहतर तकनीक और अधिक निवेश कैसे लाया जा सकता है। हम संवाद में हैं और देखेंगे।
गोयल ने कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए सरकार को घरेलू उद्योगों से परामर्श कर यह देखना होगा कि वास्तव में क्या करना जरूरी है। यह संतुलित कदम हो सकता है। यह चरण-दर-चरण हो सकता है। साथ ही, हम प्रक्रिया को तेज करना भी चाहेंगे। आखिरकार, यह (चीन से निवेश) प्रतिबंधित नहीं है। यह केवल अनुमोदन प्रक्रिया है। तुरंत प्रयास यह है कि अनुमोदन प्रक्रिया को तेज किया जाए और लोगों के लिए तकनीक के साथ काम करना और हमारी मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) में सहयोग बढ़ाना आसान बनाया जाए।
कनाडा के साथ एफटीए वार्ता इस सप्ताह शुरू करने की उम्मीद: गोयल
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और कनाडा इस सप्ताह के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत शुरू करने से पहले शर्तों को अंतिम रूप देने वाले हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत आएंगे। गोयल ने कहा, हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस सप्ताह के अंत तक शर्तों को अंतिम रूप देकर कनाडा के साथ एफटीए वार्ता शुरू की जाएगी।
शर्तें प्रस्तावित व्यापार समझौते के दायरे और तरीकों को बताती हैं। दोनों देश पहले भी व्यापार समझौते पर वार्ता कर रहे थे, लेकिन 2023 में कनाडा ने इसे रोक दिया था। अब दोनों ने तय किया है कि वार्ता फिर से शुरू होगी, क्योंकि पिछले दो वर्षों में वैश्विक व्यापार की स्थिति में बहुत बदलाव आया है। भारत का कनाडा को निर्यात 2023-24 के 3.84 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 4.22 अरब डॉलर हुआ, जो 9.8 फीसदी बढ़ोतरी थी। हालांकि, आयात 2023-24 के 4.55 अरब डॉलर से घटकर 2024-25 में 4.44 अरब डॉलर रहा, जो 2.33 फीसदी की कमी है। 2023 में दोनों देशों के बीच वस्तु और सेवा का द्विपक्षीय व्यापार 18.38 अरब डॉलर था। कनाडा में करीब 29 लाख भारतीय और 4,27,000 से अधिक भारतीय छात्र रहते हैं।