Trade Agreement: भारत-ब्राजील के बीच 10.8 अरब डॉलर का रहा व्यापार, क्या समझौते से शुरू होगा विकास का अगला चरण?
भारत और ब्राजील ने 2030 तक आपसी व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, हालांकि हाल के वर्षों में व्यापार घटकर 10.8 अरब डॉलर तक आ गया है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के भारत दौरे और नए समझौतों से एनर्जी, फार्मास्यूटिकल्स, जरूरी खनिज और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
विस्तार
भारत और ब्राजील ने 2030 तक अपने आपसी व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 30 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। हांलाकि वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-दिसंबर 2025) में व्यापार घटकर 10.8 अरब डॉलर तक कम हो गया। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के हाल के भारत के दौरे से एनर्जी, फार्मास्यूटिकल्स और आवश्यक मिनरल्स जैसे क्षेत्रों सहित संपूर्ण व्यापार में तेजी आएगी। रूबिक्स डेटा साइंसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत-ब्राजील के बीच नए सिरे से जुड़ाव ऐसे समय में हुआ है, जब भारत कई व्यापारिक समझौते और बातचीत के जरिए वैश्विक व्यापार में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस मामले में ब्राजील जो एक बड़ा एनर्जी उत्पादक और विश्व का सबसे बड़ा कृषि निर्यातक है, उसके साथ गहरे रिश्ते भारत की सप्लाई चेन की मजबूती, आवश्यक रिसोर्स को सुरक्षित करने और लैटिन अमेरिका में अपनी मौजूदगी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
2030 तक दोनों देशों के बीच 30 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
रिपोर्ट के अनुसार ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनर है, जिसके कुल सामान का व्यापार वित्त वर्ष 2023 में 16.6 अरब डॉलर के पर पहुंच गया था। हालांकि वित्त वर्ष 2025 में व्यापार घटकर 12.2 अरब डॉलर और वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-दिसंबर 2025) में 10.8 अरब डॉलर हो गया है, लेकिन नवीनतम समझौते रणनीतिक क्षेत्रों और दीर्घकालिक आपूर्ति शृंखला एकीकरण के माध्यम से व्यापार को बढ़ाने की दिशा में बदलाव का संकेत देते हैं।
एनर्जी सहयोग को और बढ़ाया गया
रिपोर्ट के अनुसार भारत-ब्राजील समझौते में एनर्जी कोऑपरेशन को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। इसमें ब्राजील की पेट्रोब्रास ने भारतीय रिफाइनरी आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल के साथ क्रूड ऑयल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट को मार्च 2027 तक रिन्यू किया है। इसमें 3.1 अरब डॉलर से अधिक की कीमत के 60 मिलियन बैरल तक के संभावित शिपमेंट शामिल हैं। यह तब हो रहा है, जब भारत वैश्विक भू-राजनीतिक बदलाओं के बीच अपनी क्रूड सोर्सिंग में विविधता ला रहा है।
कॉरपोरेट और निवेशक में तेजी
रिपोर्ट का कहना है, इस समझौते में कॉरपोरेट और निवेश में सहयोग तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया गया है। जुलाई 2023 और अगस्त 2024 के बीच भारत ने 77 ब्राजीलियन ट्रेड मिशन को होस्ट किया, जो कि पहले के स्तर से दोगुने से भी अधिक है। इनमें एयरोस्पेस, रक्षा, हेल्थ केयर और मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।
फार्मास्यूटिकल्स और आवश्यक मिनरल्स ग्रोथ पर सहयोग बढ़ा
रिपोर्ट में बताया गया है, कि फार्मास्यूटिकल्स एक बड़े मौके के तौर पर उभर रहा हैं। निर्यात में ब्राजील का हिस्सा 5 प्रतिशत से बढ़कर 6 प्रतिशत हो गया है। इसे भारत के मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO)और और ब्राजील की नेशनल हेल्थ सर्विलांस एजेंसी (ANVISA) के बीच नए रेगुलेटरी सहयोग से मदद मिली है। इसमें ब्राजील के बड़े हेल्थकेयर बाजार में भारतीय जेनेरिक दवा बनाने वालों के लिए जल्द और आसानी से अप्रूवल मिल सके और उनकी पहुंच बढ़ सके। रिपोर्ट के अनुसार व्यापारिक आंकड़े विविधिता को दिखाते हैं, जिसमें भारत का ब्राजील को निर्यात वित्त वर्ष 2022 (अप्रैल-दिसंबर 2025) में 6.5 अरब डॉलर से बढ़तर वित्त वर्ष 2023 में 9.9 अरब डॉलर हो गया और वित्त वर्ष 2026 में 5.4 अरब डॉलर हो गया।
पारंपरिक तेल और कमोडिटी से बढ़कर व्यापार में विविधता
रिपोर्ट के अनुसार आयात के मोर्चे पर ब्राजील से भारत के आयात की संरचना में उल्लेखनीय बदलाव आया है। घरेलू कमी के कारण गन्ने और चुकंदर से बनी चीनी का ब्राजील से आयात वित्त वर्ष 2022 में 3 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 25 प्रतिशत हो गया। इसके विपरित ब्राजील से भारत के आयात में कच्चे तेल का हिस्सा 39 प्रतिशत से घटकर 24 प्रतिशत हो गया। जो कि वैश्विक ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की भारत की व्यापक रणनीति को दर्शाता है। साथ ही लौह स्क्रैप और कच्चे कपास के बढ़ते आयात से दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच विनिर्माण संबंधों के मजबूत होने के संकेत देता है।