बजट 2026: कहां मौका, कहां धोखा? निवेशकों के मन में सवाल; विशेषज्ञों की सलाह- अंधाधुंध नहीं सतर्क चयन करें
बजट जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, निवेशक वैश्विक अस्थिरता के बीच अधिक सतर्क हो गए हैं। अब वे आक्रामक रुख अपनाने के बजाय चुनिंदा खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह समझना जरूरी है कि यह समय अनुशासित पोर्टफोलियो पोजिशनिंग का है, बिना सोचे-समझे की गई खरीदारी जोखिम में डाल सकती है।
विस्तार
बाजार के गलियारों में बजट का शोर शुरू हो गया है। कोई कह रहा है टैक्स घटेगा, कोई कह रहा है इंफ्रास्ट्रक्चर पर नोट बरसेंगे। बजट कोई लॉटरी का टिकट नहीं है, यह सरकार के बहीखाते का लेखा-जोखा है। बाजार इस समय असमंजस में है। वैश्विक उथल-पुथल मची है और निवेशक आक्रामक होने के बजाय रक्षात्मक खेल रहे हैं। इस माहौल में अगर आप compulsion buying (देखा-देखी खरीदारी) कर रहे हैं, तो आप निवेश नहीं, जुआ खेल रहे हैं।
बजट के दो गोल्डन रूल हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए:
- कीमतों को देखिए, उम्मीदों को नहीं: ट्रेड हमेशा ‘प्राइस एक्शन’ पर कीजिए। अगर वित्त मंत्री कुछ घोषणा करती हैं और शेयर नहीं भागता, तो समझ जाइए कि बाजार उसे पहले ही ‘प्राइस-इन’ कर चुका है।
- पूंजी की सुरक्षा सर्वोपरि: बजट के दिन 5% कमाने के चक्कर में अपनी 20% पूंजी दांव पर मत लगाइए। कैपिटल प्रोटेक्शन ही असली मुनाफा है।
वित्त मंत्री के भाषण में ध्यान देने योग्य प्रमुख घोषणाएं
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य (वित्त वर्ष 2027-28 तक 4.0% रखने का लक्ष्य)।
- सकल बाजार उधारी (बॉन्ड आपूर्ति पर प्रभाव)।
- कैपेक्स वृद्धि: साल-दर-साल +10% से +15%।
- लोकलुभावनवाद के बजाय खर्च की गुणवत्ता पर मजबूत जोर।
2025 में कहां बना पैसा?
- क्षेत्र 2025 में रिटर्न
- पीएसयू बैंक 27%
- ऑटोमोबाइल्स 21%
- मेटल्स 21%
- इंफ्रा 12%
- कंजम्पशन 7%
क्या अभी बाजार में खरीदारी का मौका है?
सोने की छलांग ने दिलचस्प स्थिति पैदा कर दी है। NIFTY-GOLD रेशियो अब काफी कंफर्टेबल जोन में है। इसका मतलब यह है कि सोने के मुकाबले शेयर बाजार ज्यादा आकर्षक है। अगर बजट के दिन बाजार में पैनिक सेलिंग होती है, तो उसे डिस्काउंट सेल समझकर अच्छी कंपनियों को खरीदने से मत चूकिए।
कुछ नकदी बचाकर रखें
आगामी बजट की अच्छी बात यह है कि निवेशकों को कोई बड़ी उम्मीदें नहीं हैं। कोई भी नकारात्मक समाचार न होना इक्विटी के लिए सकारात्मक होगा। एक निवेशक के रूप में, अपने पास कुछ नकदी बचाकर रखनी चाहिए और बजट घोषणाओं के प्रभाव का आकलन करने के बाद ही उसे विभिन्न शेयरों और क्षेत्रों में निवेश करना चाहिए। बाजार में पैसा बनाने का सुनहरा नियम यह है कि इससे लड़ें नहीं, बल्कि कीमतों की चाल का सम्मान करें। उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें, जहां सरकार का मुख्य जोर है।
बजट से पहले इन क्षेत्रों पर रखें नजर
बजट से पहले की खरीदारी अक्सर गारंटीकृत परिणामों के बजाय अनुमानित सरकारी सहायता को दर्शाती है, क्योंकि बाजार उम्मीदों को पहले ही कीमतों में शामिल कर लेता है। निवेशकों को उन फैंसी क्षेत्रों से बचना चाहिए, जहां उम्मीदें अधिक थीं, लेकिन कंपनियों के बही-खातों में वे दिखाई नहीं दे रही हैं। हमारे लिए जो क्षेत्र अच्छे दिख रहे हैं, वे हैं:
- रक्षा: वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए (शेयर: BEL, HAL, BDL)।
- इंफ्रा: रेलवे, सड़क, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स में सरकार द्वारा कैपेक्स में वृद्धि (शेयर: IRCON, RVNL, LT, CONCOR, BEML)।
- FMCG: टैक्स स्लैब में ढील और आय में वृद्धि की संभावना (BRITANNIA, HUL)।
- ऊर्जा: नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और इथेनॉल मिश्रण और जैव ईंधन (RIL, IOC, NTPC, NTPC GREEN, TATA POWER)।
आक्रामक पोजीशन लेने से बचें
निवेश रणनीति के अनुसार, मेरा रुख लंबी अवधि के दृष्टिकोण के साथ सकारात्मक है। निवेशकों को सलाह है कि बजट के आसपास किसी भी सार्थक गिरावट पर मजबूत क्षेत्रों की अच्छी कंपनियों को पोर्टफोलियो में शामिल करें और उन्हें संभाल कर रखें। बजट एक महत्वपूर्ण घटना है, लेकिन एक विवेकपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए और आक्रामक पोजीशन लेने से बचना चाहिए। - अरुण मंत्री, सीए और फाउंडर, मंत्री फिनमार्ट
जोखिम प्रबंधन भी है जरूरी
- बजट का दिन निश्चित रूप से वित्तीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, लेकिन यह ट्रेडिंग का आखिरी दिन नहीं है। इसलिए, यदि आप एक ट्रेडर हैं, तो उचित जोखिम प्रबंधन और योजना के साथ कम पोजीशन रखें और अतिरिक्त लीवरेज लेने से बचें।
- दूसरी ओर, वैश्विक उथल-पुथल के बीच निवेशक पहले से ही मंदी के दबाव में हैं, लेकिन यह उनके लिए गुणवत्तापूर्ण शेयरों को खरीदने का सुनहरा अवसर हो सकता है।
किसी भी सेक्टर या थीम को खरीदने से पहले जरूर दें ध्यान
- उन क्षेत्रों पर ध्यान दें, जिनमें कैपेक्स की अनुकूल परिस्थितियां हों।
- नीतिगत निरंतरता और नए प्रोत्साहनों की तलाश करें।
- मूल्यांकन और जोखिम का आकलन करें, कुछ क्षेत्रों में कीमतें पहले ही बढ़ी हुई हो सकती हैं।
- बजट घोषणाओं के आसपास अल्पकालिक अस्थिरता के प्रति सतर्क रहें।