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Biz Updates: पावरग्रिड को SBI से मिलेगा 4000 करोड़ रुपये का फंड, निदेशक मंडल ने दी अनसिक्योर्ड लोन को मंजूरी
बिजनेस न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kumar Vivek
Updated Thu, 30 Apr 2026 02:57 PM IST
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सार
Biz Updates: पावरग्रिड को SBI से मिलेगा 4000 करोड़ रुपये का फंड, निदेशक मंडल ने दी अनसिक्योर्ड लोन को मंजूरी
बिजनेस अपडेट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत के ऊर्जा क्षेत्र से एक बड़ी कॉर्पोरेट खबर सामने आ रही है। देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक पावर ट्रांसमिशन यूटिलिटी कंपनी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने धन जुटाने के लिए एक अहम वित्तीय फैसला लिया है। कंपनी के निदेशक मंडल (बोर्ड) ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से 4,000 करोड़ रुपये तक की धनराशि जुटाने के प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
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शेयर बाजार को दी गई जानकारी
नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकारी स्वामित्व वाली इस दिग्गज कंपनी ने गुरुवार को इस संबंध में एक अहम घोषणा की। कंपनी ने शेयर बाजारों को दी गई अपनी आधिकारिक फाइलिंग में सूचित किया है कि निदेशक मंडल की बैठक में भारतीय स्टेट बैंक से फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया, जिसके बाद इसे सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
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एफडीआई का नया रिकॉर्ड, वित्त वर्ष 2025-26 में 90 अरब डॉलर के पार पहुंचने की उम्मीद
भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और सरकार की अनुकूल नीतियों के दम पर देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) एक नए ऐतिहासिक स्तर की ओर बढ़ रहा है। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने गुरुवार को नई दिल्ली में एक अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल एफडीआई 90 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से फरवरी के बीच ही एफडीआई का प्रवाह 88 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है, जो वैश्विक निवेशकों के भारतीय बाजार पर बढ़ते भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। सरकार द्वारा विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए हाल के समय में लगातार कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। सचिव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश में लागू किए गए बड़े नीतिगत सुधारों, विभिन्न देशों के साथ हो रहे मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और भारत की तेज आर्थिक विकास दर ने मिलकर एक मजबूत और सुरक्षित निवेश का माहौल तैयार किया है। इन तमाम सकारात्मक कारकों और पहलों की मदद से स्वस्थ निवेश आकर्षित करने में काफी मदद मिल रही है, जिससे पूरे वित्त वर्ष की समाप्ति तक 90 अरब डॉलर के बड़े मील के पत्थर को हासिल करने का लक्ष्य अब पूरी तरह से संभव नजर आ रहा है।
