BIZ Updates: फरवरी में 80.4 फीसदी रहा देश का राजकोषीय घाटा; रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए 30 दिन की मोहलत
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार ने रत्न और आभूषण क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने निर्यातकों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करने के लिए 30 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब युद्ध के चलते वैश्विक हालात तनावपूर्ण हैं और हवाई और समुद्री मार्ग से होने वाले निर्यात पर असर पड़ा है। इससे पश्चिम एशिया संकट से निपटने में मदद मिलेगी। यह क्षेत्र रत्न और आभूषण के लिए एक प्रमुख निर्यात बाजार है। भारत के कुल रत्न और आभूषण निर्यात में इसका हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत है, जो इस वित्त वर्ष में अप्रैल-फरवरी के दौरान 26.2 अरब डॉलर रहा। सरकार के इन उपायों का उद्देश्य कठिनाइयों को दूर करके निर्यातकों की सहायता करना है। डीजीएफटी ने कहा, हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के जवाब में एचबीपी-2023 के अध्याय 4 के तहत रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए सुविधाकारी प्रावधान शामिल किए गए हैं।
विशिष्ट श्रेणियों के लिए निर्यात व आयात की अवधि को बिना किसी शुल्क या आवेदन की आवश्यकता के 30 दिन के लिए बढ़ाया जा रहा है। छूटों से निर्यात करने वालों पर नियमों का दबाव कम होगा। लेन-देन आसानी से पूरे हो पाएंगे और मौजूदा वैश्विक हालात की वजह से सामान की आवाजाही में हो रही देरी कम करने में मदद मिलेगी।
- प्रमाणन या ग्रेडिंग के लिए भेजे गए हीरों के पुनः निर्यात की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर दी गई है।
- विदेशी खरीदार से मिले कीमती धातुओं के बदले निर्यात की समयसीमा 90 के बदले 120 दिन होगी।
- विदेश में प्रदर्शनी के लिए भेजे गए रत्न और आभूषणों के पुनः आयात की अवधि को भी 30 दिन के लिए बढ़ा दिया है।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस राहत का लाभ लेने के लिए निर्यातकों को कोई अलग आवेदन या शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी।
ह्यूंडई मोटर इंडिया की वेन्यू और वेन्यू एनलाइन को भारत के क्रैश टेस्ट प्रोग्राम बीएनकैप के तहत 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग मिली है। इसके अलावा, किआ सेल्टोस को भी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। ये गाड़ियां बड़े और बच्चों, दोनों की सुरक्षा के लिए मजबूत साबित हुई हैं। वेन्यू के दोनों वेरिएंट ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 31.147 अंक हासिल किए।
एमजी की कार खरीदना एक अप्रैल से महंगा हो जाएगा। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर्स इंडिया ने घोषणा की है कि वह एक अप्रैल से अपने कुछ चुनिंदा मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही है। कंपनी के मुताबिक, कीमतों में अधिकतम 2 फीसदी तक बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी ने बताया कि कच्चे माल की बढ़ती लागतों के असर को कम करने के लिए कुछ बोझ ग्राहकों पर डालने की फैसला लिया गया है।
रेलवे के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी पायनियर फिल-मेड लि. ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से 500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी के समक्ष दस्तावेजों का मसौदा जमा कराया है। प्रस्तावित निर्गम में 250 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें 250 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश भी शामिल होगी। कंपनी रकम का इस्तेमाल विस्तार पर करेगी।
भारत के बॉन्ड बाजार में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिली। देश की 10 साल की बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड यील्ड 7 फीसदी के स्तर को पार कर गई। जुलाई 2024 के बाद पहली बार है जब यील्ड इस स्तर से ऊपर गई है। 10 साल यानी 2035 की बॉन्ड यील्ड कारोबार के दौरान बढ़कर 7.01 फीसदी तक पहुंच गई, जो पिछले सत्र के 6.94 फीसदी के मुकाबले काफी ऊंची है।
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों के तहत आने वाली सभी बैंकिंग कंपनियां निर्धारित सीमा से अधिक ब्याज आय पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) करेंगी। आयकर विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। आयकर कानून के अनुसार, यदि बैंक या डाकघर जमा से प्राप्त ब्याज आय एक वित्त वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए 50,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक लाख रुपये से अधिक हो जाती है, तो उस पर टीडीएस काटा जाता है।
ब्रिटेन ने रूस पर लगे प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामले में एपल की आयरलैंड स्थित सहायक कंपनी एपल डिस्ट्रीब्यूशन इंटरनेशनल (एडीआई) पर 3.90 लाख पाउंड का जुर्माना लगाया है। सरकार के अनुसार एडीआई ने 2022 में एक प्रतिबंधित व्यक्ति से संबंधित दो भुगतान किए थे। एपल ने कहा, हम प्रतिबंधों का पूरी गंभीरता से पालन करते हैं। हमने खुद इन भुगतानों की पहचान कर सक्रिय रूप से सरकार को इसकी जानकारी दी थी। हम अपने नियमों को और मजबूत कर रहे हैं।
एलीटकॉन इंटरनेशन और एमडी विपिन शर्मा समेत 6 पर बाजार में बैन
बाजार नियामक सेबी ने कथित हेरफेर और भ्रामक खुलासों के मामले में एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड, उसके प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर विपिन शर्मा समेत चार अन्य संस्थाओं को सिक्योरिटीज मार्केट से बाहर कर दिया है। सोमवार को जारी अंतरिम एक्स-पार्टी आदेश में सेबी ने इन पर करीब 51.26 करोड़ रुपये के कथित अवैध मुनाफे को जब्त करने का भी निर्देश दिया है। सेबी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और इसके लिए एक फॉरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किया जाएगा।
यह कार्रवाई एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयरों में ट्रेडिंग की जांच के बाद की गई है। सेबी को प्रथम दृष्टया यह संकेत मिले हैं कि कंपनी और उससे जुड़े लोगों ने निवेशकों को गुमराह किया। आरोप है कि कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति और संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छुपाईं, जबकि सकारात्मक जानकारी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने कुछ नकारात्मक घटनाओं, जैसे जीएसटी से जुड़े मामलों, का खुलासा नहीं किया और इसी दौरान ऊंचे दाम पर शेयर बेचकर फायदा उठाया।