सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   New Income Tax Act to be implemented in the new financial year; major changes to the tax system

Income Tax: नए वित्त वर्ष में लागू होगा नया आयकर कानून; टैक्स सिस्टम में होंगे बड़े बदलाव, जानिए सबकुछ

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Tue, 31 Mar 2026 11:38 AM IST
विज्ञापन
सार

1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू होगा, जिसमें टैक्स ईयर की शुरुआत, रिटर्न फाइलिंग की नई समयसीमा और कई नियमों में बदलाव किए गए हैं। इसके तहत ट्रेडिंग महंगी, HRA नियम सख्त, टैक्स लाभ बढ़ाए गए हैं और प्रक्रियाएं आसान बनाई गई हैं, जिससे सिस्टम ज्यादा सरल और पारदर्शी बनेगा। आइए विस्तार से जानते हैं।

New Income Tax Act to be implemented in the new financial year; major changes to the tax system
नया आयकर कानून - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

नए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से देश का आयकर ढांचा बड़े बदलावों के दौर में प्रवेश करने जा रहा है। नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होगा, जो करीब छह दशक पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा। इस नए कानून के तहत टैक्स सिस्टम, प्रक्रियाओं और नियमों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव फाइनेंशियल ईयर (FY) और असेसमेंट ईयर (AY) की जगह एकल टैक्स ईयर की शुरुआत है, जिससे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की गई है।

Trending Videos

रिटर्न फाइन करने की समयसीमा में हुआ बदलाव

रिटर्न फाइल करने की समयसीमा में भी बदलाव किया गया है। जहां सैलरीड वर्ग के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन बरकरार है, वहीं गैर-ऑडिट मामलों जैसे स्वरोजगार और प्रोफेशनल्स के लिए अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर एसटीटी को बढ़ाया गया

सरकार ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया है, जिससे फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की थी। डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें लोग ऐसे वित्तीय कॉन्ट्रैक्ट्स खरीदते-बेचते हैं, जिनकी कीमत किसी मूल संपत्ति पर आधारित होती है जैसे शेयर, सोना, तेल, इंडेक्स आदि।

हाउस रेंट के नियम किए गए सख्त

हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों को भी सख्त किया गया है। अब कुछ मामलों में मकान मालिक का PAN और अन्य विवरण देना अनिवार्य होगा। साथ ही, ज्यादा छूट वाले शहरों की सूची में बंगलूरू, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी शामिल किया गया है।

कर्मचारियों से संबंधित कर लाभों को बढ़ाया गया

इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों से संबंधित कर लाभों को बढ़ाया गया है, जिसमें भोजन भत्ते पर छूट को बढ़ाया गया है और कर-मुक्त उपहारों पर वार्षिक सीमा को बढ़ाया गया है। इसी बीच, पुरानी कर व्यवस्था के तहत बच्चों के लिए भत्ते, जिनमें शिक्षा और छात्रावास खर्च शामिल हैं, में भी वृद्धि की गई है।

शेयर मार्केट से जुड़े नियमों में क्या बदलाव किए गए?

एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, स्टॉक बायबैक पर अब अनुमानित लाभांश के बजाय पूंजीगत लाभ के रूप में कर लगाया जाएगा, जिससे प्रमोटरों और खुदरा निवेशकों दोनों पर असर पड़ेगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGB) के टैक्स नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब केवल मूल जारी के दौरान खरीदे गए बॉन्ड्स के रिडेम्प्शन पर ही टैक्स छूट मिलेगी। नए नियमों के तहत अब डिविडेंड और म्यूचुअल फंड आय पर ब्याज खर्च की कटौती की अनुमति नहीं होगी, भले ही निवेश उधार लेकर किया गया हो।

टैक्सपेयर्स के लिए प्रक्रियाओं को बनाया गया आसान

प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए टैक्सपेयर्स अब एक ही घोषणा के जरिए कई स्रोतों पर टीडीएस से बच सकेंगे। साथ ही, एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने पर अब खरीदार PAN के जरिए ही टीडीएस काट सकेंगे, टीएएन लेने की जरूरत नहीं होगी।

विदेशों में होने वाले खर्च पर राहत

विदेश में होने वाले खर्च पर राहत दी गई है, जिसके तहत विदेशी यात्राओं पर लगने वाला स्रोत-आधारित कर (TCS) घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। विदेश में शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए भेजे गए धन पर भी TCS कम कर दिया गया है।

सरकार इन क्षेत्रों में किए अहम बदलाव

  • टैक्स रिटर्न संशोधित करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है, हालांकि दिसंबर के बाद देरी से फाइल करने पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
  • इसके अलावा, मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले मुआवजे पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री कर दिया गया है।
  • सरकार ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-1 से ITR-7 तक के फॉर्म भी जारी कर दिए हैं, जिससे टैक्सपेयर्स समय पर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
  • खास बात यह है कि ITR-1 (सहज) में अब एक की बजाय दो घरों से होने वाली आय भी दिखाने की अनुमति दी गई है, जिससे फाइलिंग और आसान होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव टैक्स सिस्टम को अधिक सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।


 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed