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India-EU FTA: 'मदर ऑफ ऑल डील्स' पूरी; सस्ती होंगी कारें और बीयर, लेकिन कल से नहीं! आसान भाषा में समझें सबकुछ
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 27 Jan 2026 04:22 PM IST
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सार
भारत-ईयू के बीच 'मदर ऑफ ऑल डील्स' साइन। कार, बीयर और दवाइयां होंगी सस्ती, लेकिन कल से नहीं! जानें कब से लागू होंगी नई कीमतें और क्या है पूरा गणित। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
भारत-ईयू व्यापार समझौता
- फोटो : PTI
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विस्तार
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 27 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार दिया है। इस समझौते से भारत में यूरोपीय कारों, बीयर और मशीनों पर लगने वाला टैक्सभारी मात्रा में घटेगा।
लेकिन क्या ये चीजें कल सुबह से ही सस्ती मिलने लगेंगी? और आपकी जेब पर इसका कब और कितना असर होगा? आइए, ताजा अपडेट्स के साथ आसान सवाल-जवाब में समझते हैं पूरा गणित:
सवाल: डील तो हो गई, अब सस्ता सामान कब से मिलेगा?
जवाब: कल से नहीं! यही इस खबर का सबसे बड़ा पेंच है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक, डील फाइनल होने के बाद इसे लागू होने में वक्त लगेगा और संभवतः अगले साल तक यह अमल में आएगी। कुछ जानकारों का कहना है कि जीरो टैरिफ का पूरा फायदा मिलने में 5 साल या उससे ज्यादा का वक्त भी लग सकता है। इसलिए कल शोरूम जाकर डिस्काउंट मांगना जल्दबाजी होगी।
सवाल: मर्सिडीज-ऑडी जैसी लग्जरी कारों पर कितनी छूट मिलेगी?
जवाब: यह ऑटो सेक्टर के लिए सबसे बड़ी खबर है। यूरोपीय कारों पर लगने वाली भारी-भरकम ड्यूटी को धीरे-धीरे घटाकर 10% पर लाया जाएगा। शर्त: यह 10% वाली कम ड्यूटी असीमित नहीं है। यह लाभ सालाना केवल 2,50,000 गाड़ियों के कोटे पर ही मिलेगा। यानी शुरुआती 2.5 लाख इम्पोर्टेड कारों पर ही यह छूट लागू होगी।
सवाल: क्या बीयर, वाइन और खाने-पीने की चीजें सस्ती होंगी?
जवाब: जी हां, शौकीनों के लिए राहत की खबर है:
जवाब: यह डील भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की लागत घटाने में बड़ा रोल प्ले करेगी। यूरोप से आने वाली मशीनरी और कच्चे माल पर टैक्स लगभग खत्म हो जाएगा:
जवाब: भारत के बढ़ते एविएशन मार्केट को देखते हुए यह फैसला अहम है। एयरक्राफ्ट (विमान) और स्पेसक्राफ्ट (अंतरिक्ष यान) के लगभग सभी उत्पादों पर टैरिफ जीरो (0%) कर दिया जाएगा।
सवाल: कुल मिलाकर इस डील का पैमाना क्या है?
जवाब: यूरोपीय संघ का कहना है कि भारत को निर्यात होने वाले 90% से ज्यादा सामानों पर से टैरिफ या तो पूरी तरह खत्म हो जाएगा या कम कर दिया जाएगा। इससे यूरोपीय निर्यातकों को सालाना 4 अरब यूरो (अरबों रुपये) की बचत होगी। वहीं, ईयू को उम्मीद है कि 2032 तक भारत को होने वाला उनका निर्यात दोगुना हो जाएगा।
सवाल: क्या सर्विस सेक्टर को भी एंट्री मिली है?
जवाब: हां। इस डील के तहत यूरोपीय सेवा प्रदाताओं को भारत के वित्तीय (बैंकिंग/इंश्योरेंस) और समुद्री सेवाओं में 'विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच' मिलेगी।
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लेकिन क्या ये चीजें कल सुबह से ही सस्ती मिलने लगेंगी? और आपकी जेब पर इसका कब और कितना असर होगा? आइए, ताजा अपडेट्स के साथ आसान सवाल-जवाब में समझते हैं पूरा गणित:
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सवाल: डील तो हो गई, अब सस्ता सामान कब से मिलेगा?
जवाब: कल से नहीं! यही इस खबर का सबसे बड़ा पेंच है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक, डील फाइनल होने के बाद इसे लागू होने में वक्त लगेगा और संभवतः अगले साल तक यह अमल में आएगी। कुछ जानकारों का कहना है कि जीरो टैरिफ का पूरा फायदा मिलने में 5 साल या उससे ज्यादा का वक्त भी लग सकता है। इसलिए कल शोरूम जाकर डिस्काउंट मांगना जल्दबाजी होगी।
सवाल: मर्सिडीज-ऑडी जैसी लग्जरी कारों पर कितनी छूट मिलेगी?
जवाब: यह ऑटो सेक्टर के लिए सबसे बड़ी खबर है। यूरोपीय कारों पर लगने वाली भारी-भरकम ड्यूटी को धीरे-धीरे घटाकर 10% पर लाया जाएगा। शर्त: यह 10% वाली कम ड्यूटी असीमित नहीं है। यह लाभ सालाना केवल 2,50,000 गाड़ियों के कोटे पर ही मिलेगा। यानी शुरुआती 2.5 लाख इम्पोर्टेड कारों पर ही यह छूट लागू होगी।
सवाल: क्या बीयर, वाइन और खाने-पीने की चीजें सस्ती होंगी?
जवाब: जी हां, शौकीनों के लिए राहत की खबर है:
- बीयर और वाइन: यूरोपीय बीयर पर टैरिफ घटाकर 50% कर दिया जाएगा। वहीं, यूरोपीय वाइन पर ड्यूटी में लगभग 20-30% की कटौती की गई है।
- जूस और प्रोसेस्ड फूड: फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड (पैकेटबंद भोजन) पर से टैरिफ हटा दिया गया है।
- कुकिंग ऑयल: ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) और वेजिटेबल ऑयल पर भी ड्यूटी कम होगी।
जवाब: यह डील भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की लागत घटाने में बड़ा रोल प्ले करेगी। यूरोप से आने वाली मशीनरी और कच्चे माल पर टैक्स लगभग खत्म हो जाएगा:
- मशीनरी: अभी मशीनों पर 44% तक ड्यूटी लगती है, जिसे ज्यादातर उत्पादों पर खत्म कर दिया जाएगा।
- केमिकल और दवा: केमिकल्स पर लगने वाली 22% और दवाओं पर लगने वाली 11% ड्यूटी को हटा दिया जाएगा।
- मेडिकल उपकरण: अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों के 90% उत्पादों पर टैरिफ खत्म होगा, जिससे इलाज सस्ता हो सकता है।
जवाब: भारत के बढ़ते एविएशन मार्केट को देखते हुए यह फैसला अहम है। एयरक्राफ्ट (विमान) और स्पेसक्राफ्ट (अंतरिक्ष यान) के लगभग सभी उत्पादों पर टैरिफ जीरो (0%) कर दिया जाएगा।
सवाल: कुल मिलाकर इस डील का पैमाना क्या है?
जवाब: यूरोपीय संघ का कहना है कि भारत को निर्यात होने वाले 90% से ज्यादा सामानों पर से टैरिफ या तो पूरी तरह खत्म हो जाएगा या कम कर दिया जाएगा। इससे यूरोपीय निर्यातकों को सालाना 4 अरब यूरो (अरबों रुपये) की बचत होगी। वहीं, ईयू को उम्मीद है कि 2032 तक भारत को होने वाला उनका निर्यात दोगुना हो जाएगा।
सवाल: क्या सर्विस सेक्टर को भी एंट्री मिली है?
जवाब: हां। इस डील के तहत यूरोपीय सेवा प्रदाताओं को भारत के वित्तीय (बैंकिंग/इंश्योरेंस) और समुद्री सेवाओं में 'विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच' मिलेगी।
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