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Economic Ties: गुजरात में भारत-जर्मनी औद्योगिक समागम; पीएम बोले- देश में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 12 Jan 2026 01:32 PM IST
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सार

गुजरात में आयोजित भारत-जर्मनी औद्योगिक समागम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं, जो मजबूत आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है। आइए विस्तार से जानते हैं।  जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी द्विपक्षीय संबंधों पर कही अहम बात कही। आइए विस्तार से जानते हैं।

India-Germany industrial meet in Gujarat; PM says more than 2,000 German companies are active in the country
पीएम मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित इंडिया-जर्मनी सीईओ फोरम में दोनों देशों की प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात की। बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जर्मनी द्विपक्षीय व्यापार अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है और यह 50 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है।

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भारत में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां है सक्रिय

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां लंबे समय से सक्रिय हैं, जो भारत की अर्थव्यवस्था और यहां उपलब्ध अवसरों पर उनके अटूट भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास आज सुबह आयोजित इंडिया-जर्मनी सीईओ फोरम में स्पष्ट रूप से नजर आया।

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पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग में निरंतर मजबूती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं। इसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारत-जर्मनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जो ज्ञान, तकनीक और नवाचार के साझा मंच के रूप में काम करेगा।

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कई समझौता ज्ञापनों पर हुए हस्ताक्षर

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की मौजूदगी में भारत और जर्मनी के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इससे पहले, चांसलर मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा के तहत दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई।

वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, कौशल विकास और श्रमिक गतिशीलता सहित कई क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा की गई। साथ ही रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा हुई।

वित्त वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार के आंकड़े

आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में भारत और जर्मनी के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर तक पहुंच गया। जर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत के कुल ईयू व्यापार में उसका लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। सेवाओं के क्षेत्र में भी भारत-जर्मनी व्यापार 2024-25 में 12.5 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 16.65 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

निवेश के मोर्चे पर जर्मनी भारत में नौवां सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक है। अप्रैल 2000 से जून 2025 तक भारत में जर्मन एफडीआई का संचयी प्रवाह 15.40 अरब डॉलर रहा है, जबकि 2024-25 में जर्मन निवेश 469 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया।


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