Moody’s GDP Forecast: भारत बनेगा जी20 में सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था, FY27 में 6.4% विकास दर का अनुमान
मूडीज ने FY27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान लगाया है। जानें G-20 में भारत की स्थिति, बैंकिंग सेक्टर और ब्याज दरों पर क्या है एजेंसी की राय।
विस्तार
वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सोमवार को भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक उत्साहजनक रिपोर्ट जारी की है। एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष (FY27) में भारत की जीडीपी 6.4% की दर से बढ़ेगी। मूडीज के मुताबिक, इस रफ्तार के साथ भारत G-20 देशों के समूह में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
घरेलू खपत और नीतिगत सुधार
मुख्य कारण मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि भारत की इस मजबूत आर्थिक वृद्धि के पीछे मुख्य कारण घरेलू खपत और सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत कदम हैं। एजेंसी ने विशेष रूप से सितंबर 2025 में हुए वस्तु एवं सेवा कर के युक्तिकरण और व्यक्तिगत आयकर सीमा में की गई बढ़ोतरी का जिक्र किया है। मूडीज का मानना है कि इन सुधारों से उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ी है, जो खपत-आधारित विकास को सहारा देगी।
सरकारी अनुमानों से तुलना
हालांकि, मूडीज का 6.4% का अनुमान भारत सरकार के अपने अनुमानों से थोड़ा रूढ़िवादी है। पिछले महीने संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त मंत्रालय ने FY27 के लिए 6.8% से 7.2% की विकास दर का अनुमान लगाया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की विकास दर 7.4% रहने की उम्मीद है, जो कि 2024-25 में दर्ज की गई 6.5% की वृद्धि से काफी बेहतर है।
बैंकिंग सेक्टर: मजबूती के बीच MSME पर चिंता मूडीज ने भारतीय बैंकिंग प्रणाली पर भी अपनी राय रखी है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- लोन ग्रोथ में तेजी: वित्त वर्ष 2026-27 में सिस्टम-वाइड लोन ग्रोथ बढ़कर 11-13% होने की उम्मीद है, जो मौजूदा वित्त वर्ष में 10.6% है।
- मजबूत बैलेंस शीट: बड़े कॉरपोरेट्स की बैलेंस शीट मजबूत है और उनकी प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार हुआ है, जिससे कॉरपोरेट लोन की गुणवत्ता स्वस्थ बनी रहेगी।
- MSME पर दबाव: हालांकि एसेट क्वालिटी लचीली बनी रहेगी, लेकिन मूडीज ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के बीच कुछ तनाव (Stress) की आशंका जताई है। राहत की बात यह है कि बैंकों के पास लोन लॉस को सोखने के लिए पर्याप्त रिजर्व मौजूद हैं।
आरबीआई और ब्याज दरों का परिदृश्य
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति पर टिप्पणी करते हुए मूडीज ने बताया कि केंद्रीय बैंक ने 2025 में अब तक पॉलिसी रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है, जिससे दरें 5.25% पर आ गई हैं। महंगाई नियंत्रण में होने और ग्रोथ की गति मजबूत रहने के कारण, मूडीज का मानना है कि RBI वित्त वर्ष 2026-27 में मौद्रिक नीति में और ढील तभी देगा जब आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेत मिलेंगे। मूडीज की यह रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत है। बैंकों का परिचालन वातावरण 2026 में भी मजबूत रहने की उम्मीद है, जिसे व्यापक आर्थिक स्थितियों और संरचनात्मक सुधारों का समर्थन मिलेगा। एजेंसी ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर सरकार बैंकों को मजबूत समर्थन देना जारी रखेगी।