सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Supreme Court defers Meta-WhatsApp privacy policy hearing to Feb 23. Read about the CCI penalty

Meta-WhatsApp Privacy Case: सुप्रीम कोर्ट ने 23 फरवरी तक टाली सुनवाई, 213 करोड़ के जुर्माने से जुड़ा है मामला

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 09 Feb 2026 02:27 PM IST
विज्ञापन
सार

सुप्रीम कोर्ट ने मेटा और व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी और 213 करोड़ के जुर्माने से जुड़ी सुनवाई 23 फरवरी तक टाली। पूरा मामला क्या है, जानिए विस्तार से। 

Supreme Court defers Meta-WhatsApp privacy policy hearing to Feb 23. Read about the CCI penalty
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप की उन याचिकाओं पर सुनवाई 23 फरवरी तक के लिए टाल दी है, जिनमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी। यह मामला व्हाट्सएप की विवादित प्राइवेसी पॉलिसी और कंपनी पर लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने से जुड़ा है।

Trending Videos


मामला क्यों अहम है? 
यह सुनवाई भारत में डिजिटल नागरिकों के डेटा अधिकारों और बिग टेक कंपनियों के एकाधिकार को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत की अगुवाई वाली पीठ ने स्पष्ट किया है कि वह 23 फरवरी को इस मामले में अंतरिम आदेश पारित करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुनवाई टलने का कारण
सोमवार को सुनवाई के दौरान पीठ को सूचित किया गया कि मेटा और व्हाट्सएप का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल अस्वस्थ हैं। इसके चलते अदालत ने सुनवाई स्थगित करने का निर्णय लिया। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन वी अंजारिया भी शामिल हैं।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'डेटा शेयरिंग के नाम पर खिलवाड़ नहीं'
अदालत ने इस मामले में पहले ही कड़ा रुख अपना रखा है। 3 फरवरी को हुई पिछली सुनवाई में पीठ ने मेटा और व्हाट्सएप के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि वे "डेटा शेयरिंग के नाम पर नागरिकों के निजता के अधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते"।

अदालत ने चिंता जताई थी कि ये कंपनियां बाजार में एकाधिकार बना रही हैं और ग्राहकों की निजी जानकारी की चोरी कर रही हैं। बेंच ने मौन ग्राहकों का जिक्र किया जो डिजिटल रूप से निर्भर हैं लेकिन डेटा शेयरिंग के खतरों से अनजान हैं। कोर्ट ने कहा, "हम इस देश के किसी भी नागरिक के अधिकारों को नुकसान नहीं पहुंचने देंगे।

सीसीआई का जुर्माना और एनसीएलएटी का आदेश 
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सीसीआई ने व्हाट्सएप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी को प्रतिस्पर्धा विरोधी मानते हुए मेटा और व्हाट्सएप पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

  • 4 नवंबर 2025 को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने जुर्माने को बरकरार रखा था।
  • हालांकि, एनसीएलएटी ने सीसीआई के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें व्हाट्सएप को विज्ञापन उद्देश्यों के लिए मेटा के साथ डेटा साझा करने से 5 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था।
  • अब सुप्रीम कोर्ट में सीसीआई ने भी एक क्रॉस-अपील दायर की है, जिसमें डेटा शेयरिंग की अनुमति देने वाले एनसीएलएटी के फैसले को चुनौती दी गई है।

आगे क्या? 
सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी इस मामले में एक पक्ष बनाने का निर्देश दिया है। अब सभी की निगाहें 23 फरवरी पर टिकी हैं, जब अदालत इस हाई-प्रोफाइल मामले में अंतरिम निर्देश जारी कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed