New Rules 2026: क्रेडिट स्कोर से लेकर आठवें वेतन आयोग तक, आज से बदल गए ये 10 बड़े नियम; जानें अपनी जेब पर असर
1 जनवरी 2026 से भारत में क्रेडिट स्कोर, 8वें वेतन आयोग, टैक्सेशन और एलपीजी कीमतों सहित 10 बड़े वित्तीय नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का आपकी जेब और बैंकिंग सेवाओं पर क्या असर होगा, विस्तार से जानने के लिए यह रिपोर्ट पढ़ें।
विस्तार
साल 2026 की शुरुआत केवल कैलेंडर बदलने के साथ नहीं, बल्कि भारत के वित्तीय परिदृश्य में एक बड़े बदलाव के साथ हुई है। 31 दिसंबर 2025 की 'डेडलाइन' समाप्त होने के साथ ही आज यानी 1 जनवरी 2026 की सुबह से बैंकिंग, टैक्सेशन, डिजिटल भुगतान और घरेलू खर्चों से जुड़े 10 बड़े नियम प्रभावी हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की बचत, निवेश और कर्ज लेने की क्षमता पर पड़ेगा।
आइए इन बदलावों के बारे में एक-एक कर विस्तार से जानें-
1. साप्ताहिक होगा क्रेडिट स्कोर अपडेट: अब चूक की गुंजाइश नहीं
क्रेडिट ब्यूरो जैसे CIBIL) के लिए अब मासिक के बजाय साप्ताहिक आधार पर डेटा अपडेट करना अनिवार्य हो गया है। यदि आप अपनी ईएमआई (EMI) या क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान में एक दिन की भी देरी करते हैं, तो वह अगले कुछ दिनों में आपके स्कोर में दिखाई देगा। पहले इसके लिए महीने भर का समय मिलता था। हालांकि, समय पर भुगतान करने वालों का स्कोर अब तेजी से सुधरेगा।
2. स्मॉल सेविंग्स: ब्याज दरों में लगातार सातवीं तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं
रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 5 दिसंबर को रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर इसे 5.25% करने के बाद, आज से शुरू होने वाली चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के लिए पीपीएफ (PPF) और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन की संभावना प्रबल थी। हालांकि लगातार सातवीं तिमाही में सरकार की ओर से दरों को अपरिवर्तित रखा गया है। इससे निश्चित आय वाले निवेशकों को थोड़ी निराशा हाथ लगी है।
3. इनकम टैक्स: रिवाइज्ड आईटीआर का विकल्प समाप्त
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समयसीमा कल (31 दिसंबर) समाप्त हो गई है। आज से टैक्सपेयर्स के पास केवल 'अपडेटेड रिटर्न' (ITR-U) फाइल करने का विकल्प बचा है, जिसमें अतिरिक्त कर या जुर्माना देना पड़ सकता है।
4. निष्क्रिय हुआ पैन कार्ड: बैंकिंग सेवाएं हो सकती हैं बाधित
जिन नागरिकों ने 31 दिसंबर तक अपने पैन (PAN) को आधार से लिंक नहीं किया है, उनका पैन कार्ड आज से 'इनऑपरेटिव' या निष्क्रिय हो गया है। अब आप नया बैंक खाता नहीं खोल पाएंगे, डीमैट खाते का संचालन नहीं कर सकेंगे और न ही पेंडिंग टैक्स रिफंड प्राप्त कर पाएंगे। इसे पुनः सक्रिय करने के लिए अब निर्धारित पेनल्टी भरनी होगी।
5. डिजिटल पेमेंट: सख्त केवाईसी और सुरक्षा लेयर
डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए आज से गूगल पे, फोन पे और व्हाट्सएप पे जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त केवाईसी नियम लागू हो गए हैं। मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन और अकाउंट लिंकिंग के लिए अब मल्टी-लेयर सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा।
6. ईधन की कीमतें: कमर्शियल एलपीजी महंगी, विमान ईंधन सस्ता
तेल कंपनियों (OMCs) ने आज ईंधन की कीमतों में बड़ा संशोधन किया है। 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 111 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर रेस्टोरेंट और होटल के खाने पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, विमान ईंधन की कीमतों में 7.3% की कटौती की गई है, जिससे हवाई किराए में कमी की उम्मीद की जा सकती है।
7. नया आयकर कानून: 1 अप्रैल 2026 को नया और सरल टैक्स कानून होगा प्रभावी
सरकार ने 'इनकम टैक्स एक्ट 1961' को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आज से देश उस ट्रांजिशन पीरियड में प्रवेश कर गया है जो 1 अप्रैल 2026 को नए सरल टैक्स कानून के कार्यान्वयन के साथ समाप्त होगा। इसका उद्देश्य टैक्स विवादों को कम करना और अनुपालन को सरल बनाना है।

7वें वेतन आयोग का कार्यकाल कल समाप्त हो चुका है। आज, 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन निर्धारण की प्रक्रिया को प्रभावी माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र सरकार जल्द ही एरियर और संशोधित वेतन ढांचे पर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकती है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
9. स्टार रेटिंग: बिजली उपकरणों पर 'स्टार रेटिंग' अनिवार्य
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के नए नियमों के तहत आज से रेफ्रिजरेटर, टीवी, एलपीजी स्टोव और चिलर पर 'स्टार-लेबलिंग' अनिवार्य हो गई है। बिना स्टार रेटिंग वाले पुराने स्टॉक की बिक्री पर अब प्रतिबंध रहेगा। इससे ग्राहकों को बिजली बिल कम करने में मदद मिलेगी, हालांकि उपकरणों की शुरुआती कीमत में मामूली बढ़ोतरी संभव है।
10. सिगरेट और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे: लगेगा अतिरिक्त उत्पाद शुल्क
वित्त मंत्रालय ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में संशोधन की अधिसूचना जारी की है, जो 1 फरवरी, 2026 से लागू होगी। संसद द्वारा पारित 'केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025' के तहत सिगरेट की लंबाई और प्रकार के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक पर 2,050 रुपये से 8,500 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। यह शुल्क मौजूदा 40% जीएसटी के अतिरिक्त होगा। इससे होने वाली आय का 41% हिस्सा राज्यों के साथ साझा किया जाएगा। हालांकि यह नियम फरवरी से प्रभावी होगा, लेकिन इसकी घोषणा आज ही कर दी गई है।
1 जनवरी 2026 से लागू हुए ये बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल रूप से सुरक्षित और ऊर्जा कुशल बनाने की दिशा में एक कदम हैं। आम उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने वित्तीय दस्तावेजों और डिजिटल भुगतान के तरीकों को नए नियमों के अनुरूप तुरंत अपडेट करें ताकि किसी भी प्रकार की पेनल्टी या सेवा व्यवधान से बचा जा सके।