सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Nirmala Sitharaman Amit Shah reaction India US Trade Deal MSME benefits US tariffs on Indian goods

India-US Deal: एमएसएमई के लिए मौके बढ़े, जानिए वित्त मंत्री और गृह मंत्री ने डील को क्यों बताया गेम चेंजर

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 07 Feb 2026 08:27 PM IST
विज्ञापन
सार

India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है। जानें टैरिफ कटौती और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा पर उन्होंने क्या कहा है, आइए जानते हैं विस्तार से।

Nirmala Sitharaman Amit Shah reaction India US Trade Deal MSME benefits US tariffs on Indian goods
भारत अमेरिका के बीच ट्रेड डील - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार

भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते को केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बूस्टर डोज करार दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गृह मंत्री अमित शाह ने इस समझौते को 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का दावा है कि यह डील न केवल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को वैश्विक मूल्य शृंखला से जोड़ेगी, बल्कि लागत घटाने और रोजगार पैदा करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

Trending Videos


अमित शाह बोले- 'मेक इन इंडिया' और रोजगार के लिए वरदान 
गृह मंत्री अमित शाह ने इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को हकीकत में बदलने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरिम समझौता भारत के विकास इंजन को नई गति देगा। शाह के मुताबिक, यह डील 'मेक इन इंडिया', मेहनती किसानों, उद्यमियों, स्टार्टअप इनोवेटर्स और मछुआरों के लिए एक बूम साबित होगी, साथ ही युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी प्रतिक्रिया में क्या कहा?
एमएसएमई और उपभोक्ताओं को सीधी राहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को स्पष्ट किया कि यह ढांचा भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए वैश्विक बाजार में पहुंच आसान बनाएगा। उन्होंने कहा कि इससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए लागत कम होगी।

टैरिफ के गणित को समझाते हुए उन्होंने बताया कि अमेरिका भारतीय सामानों पर मौजूदा 50 प्रतिशत के टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इसके बदले में, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत  शृंखला पर आयात शुल्क खत्म या कम करेगा। इन अमेरिकी उत्पादों में ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट शामिल हैं।

भारत-अमेरिका के बीच समझौते में क्या है?
इस समझौते का सबसे बड़ा पहलू भारत की ओर से $500 बिलियन की खरीद की मंशा है। भारत अमेरिका के संयुक्त बयान के मुताबिक, भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल खरीदेगा।

हालांकि, विपक्ष की चिंताओं के बीच वित्त मंत्री के कार्यालय ने साफ किया है कि कृषि और पशुपालन क्षेत्रों की संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "यह ढांचा प्रमुख कृषि और डेयरी उत्पादों, मसालों और स्टेपल्स की सुरक्षा करता है, जिससे किसानों की आय मजबूत होगी"। यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाता है कि अमेरिकी डेयरी उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी जाएगी।

डिजिटल सेवाओं में भारत बनेगा हब 
सरकार ने इस बात पर भी जोर दिया है कि यह ढांचा डिजिटल सेवा क्षेत्र में भारत की बढ़त को और मजबूत करेगा। संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का लक्ष्य भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा और डिजिटल सेवाओं के लिए एक वैश्विक हब के रूप में स्थापित करना है। सरकार की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि वे इस डील को केवल व्यापार तक सीमित नहीं देख रहे, बल्कि इसे मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के एक बड़े अवसर के रूप में पेश कर रहे हैं। जहां $500 बिलियन (45 लाख करोड़ रुपये) की खरीद प्रतिबद्धता अमेरिका को खुश करने के लिए काफी है, वहीं 'डेयरी और मसालों' पर सुरक्षात्मक रुख घरेलू राजनीति और किसान वोट बैंक को साधने की कोशिश है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed