Budget 2026-27: राहुल गांधी को निर्मला सीतारमण की चुनौती, बोलीं- मैं उनके साथ डिबेट के लिए तैयार
Budget 2026-27: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बजट को लेकर बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ राजनीति की वजह से बजट की आलोचना कर रहे हैं। अगर उनके पास कोई फैक्ट है तो मैं उनके साथ डिबेट करने के लिए तैयार हूं।
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2026–27 का आम बजट संसद में पेश किया। करीब 85 मिनट लंबे अपने बजट भाषण में उन्होंने सरकार की कई बड़ी योजनाओं का एलान किया। बजट में चुनावी राज्यों का भी खास ख्याल रखा गया है। बजट सत्र में हिस्सा लेने के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बजट की आलोचना की। नेता प्रतिपक्ष की इस आलोचना पर जब केंद्रीय वित्त मंत्री से सवाल किया गया, तो उन्होंने राहुल गांधी को बजट पर खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि बजट का विरोध करना उनकी राजनीतिक मजबूरी है।
Youth without jobs.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2026
Falling manufacturing.
Investors pulling out capital.
Household savings plummeting.
Farmers in distress.
Looming global shocks - all ignored.
A Budget that refuses course correction, blind to India’s real crises.
क्या कहा था राहुल गांधी ने?
बजट सत्र में हिस्सा लेने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया को तुरंत कोई भी बाइट देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं बजट को लेकर सोमवार को संसद में बोलूंगा। हालांकि इसके कुछ देर बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि देश में युवा बेरोजगार है, मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में लगातार गिरावट हो रही है, निवेशकों अपना पैसा निकाल रहे हैं, घरेलू बचत में भारी कमी हो रही है, किसान संकट में हैं, वैश्विक संकटों की आशंका लगातार बनी हुई है। इस बजट में इन सबकी अनदेखी की गई है। यह एक ऐसा बजट है जो सुधार करने से इनकार करता है, भारत के वास्तविक संकटों से अनभिज्ञ है।
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'मैं सुनने और जवाब देने के लिए तैयार'
राहुल गांधी के केंद्रीय बजट की आलोचना वाले ट्वीट पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वे किस सुधार की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और उसके फंडामेंटल्स मजबूत हैं। कई सेक्टर ग्लोबल अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, जिनके लिए हम छोटे और मंझोले उद्यमों, टेक्सटाइल, चमड़ा, ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले लोगों के लिए कई अलग-अलग योजनाएं लाए हैं, किसानों और वैल्यू एडिशन के लिए, महिला उद्यमियों, सेल्फ-हेल्प उद्यमियों के लिए भी योजनाएं लाए हैं। ये ऐसे तरीके हैं जिनसे हम आम छोटे लोगों तक पहुंच रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाहर से आने वाली किसी भी अस्थिरता के कारण उन्हें अपने जीवन में बड़े बदलावों का सामना न करना पड़े। राजनीतिक रूप से आप आलोचना करना चाहते हैं, आपका स्वागत है, कृपया करें। लेकिन अगर आप मुझे वे तथ्य बताना चाहते हैं, तो मैं सुनने और उसका जवाब देने के लिए तैयार हूं।
