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Budget 2026: बाहर से निजी इस्तेमाल के सामान मंगाना हुआ सस्ता, बजट में आधी की गई कस्टम ड्यूटी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sun, 01 Feb 2026 06:20 PM IST
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सार

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। इसमें कस्टम ड्यूटी को भी कम किया गाया। यह उन लोगों के लिए राहत है जो विदेश से शॉपिंग करके भारत लाते हैं। 

Budget 2026 Importing personal use items from abroad cheaper customs duty halved
बजट 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश बजट में लोगों को एक बड़ी राहत दी है. यह राहत निजी उपयोग के लिए आयातित सामानों पर है. उन्होंने सभी ड्यूटीएबल सामान पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) को 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करने का ऐलान किया. मतलब अब इन सामानों पर सीमा शुल्क आधा हो गया है. 50 फीसदी की यह कटौती कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर को रेशनलाइज करने और आयात को आसान बनाने के उद्देश्य से की गई है. इससे विदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण, कपड़े, जूते और अन्य पर्सनल यूज आइटम्स मंगाना काफी सस्ता हो जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो ऑनलाइन शॉपिंग या विदेश यात्रा से सामान लाते हैं.

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वित्त मंत्री ने कहा कि यह फैसला घरेलू बाजार को मजबूत बनाने और उपभोक्ताओं को राहत देने का हिस्सा है. पहले निजी आयात पर भारी ड्यूटी से लोग हिचकते थे, लेकिन अब यह बदलाव वैश्विक उत्पादों तक पहुंच बढ़ाएगा और अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा देगा.

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डीएचएल और सीबीआईसी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स) के अनुसार, कस्टम ड्यूटी कैलकुलेशन एचएस कोड (हार्मोनाइज्ड सिस्टम) पर आधारित होता है, जो 8-अंकीय क्लासिफिकेशन से सामान की कैटेगरी तय करता है.

कस्टम ड्यूटी कैसे कैलकुलेट होती है?

डीएचएल की गाइडलाइन के मुताबिक, निजी आयात के लिए कस्टम ड्यूटी कैलकुलेशन के स्टेप्स इस प्रकार हैं

- असेसेबल वैल्यू (एवी) तय करें: यह सामान की कॉस्ट, इंश्योरेंस और फ्रेट (सीआईएफ) वैल्यू होती है. इनवॉइस, शिपिंग बिल जैसे डॉक्यूमेंट्स से वैल्यू प्रूव करें.

- बीसीडी अप्लाई करें: एवी पर एचएस कोड के आधार पर बीसीडी रेट लगाएं (अब निजी सामान के लिए 10 फीसदी).

- सोशल वेलफेयर सरचार्ज (एसडब्ल्यूएस): बीसीडी अमाउंट पर 10 फीसदी.

- आईजीएसटी वैल्यू: एवी + बीसीडी + एसडब्ल्यूएस.

- आईजीएसटी अप्लाई करें: आईजीएसटी वैल्यू पर एचएस कोड के आधार पर रेट (जैसे 0%, 5%, 12%, 18% या 28%).

- टोटल ड्यूटी: बीसीडी + एसडब्ल्यूएस + आईजीएसटी (प्लस अन्य लागू ड्यूटी जैसे एंटी-डंपिंग या सेस).

निजी उपयोग के सामान के लिए बैगेज रूल्स के तहत कुछ छूट मिलती है, लेकिन ड्यूटीएबल आइटम्स पर यह कैलकुलेशन लागू होता है.

प्रस्तावित बदलाव से कितनी बचत होगी?

उदाहरण के तौर पर, 40,000 रुपए सीआईएफ वैल्यू वाले एयर कंडीशनर (एचएसएन कोड 84151020) पर कैलकुलेशन:  

पुरानी दरों पर (बीसीडी 20%):

बीसीडी: 40,000 रुपए × 20% = 8,000 रुपए

एसडब्ल्यूएस: 8,000 रुपए × 10% = 800 रुपए

आईजीएसटी वैल्यू: 40,000 रुपए + 8,000 रुपए + 800 रुपए = 48,800 रुपए

आईजीएसटी: 48,800 रुपए × 28% = 13,664 रुपए

टोटल: 8,000 रुपए + 800 रुपए + 13,664 रुपए = 22,464 रुपए

नई दरों पर (बीसीडी 10%):

बीसीडी: 40,000 रुपए × 10% = 4,000 रुपए

एसडब्ल्यूएस: 4,000 रुपए × 10% = 400 रुपए

आईजीएसटी वैल्यू: 40,000 रुपए + 4,000 रुपए + 400 रुपए = 44,400 रुपए

आईजीएसटी: 44,400 रुपए × 28% = 12,432 रुपए

टोटल: 4,000 रुपए + 400 रुपए + 12,432 रुपए = 16,832 रुपए

बचत: 22,464 रुपए - 16,832 रुपए = 5,632 रुपए (लगभग 25% की कुल बचत).

ये बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. एचएस कोड के आधार पर रेट्स सीबीआईसी की वेबसाइट पर चेक किए जा सकते हैं. यह फैसला ई-कॉमर्स आयात को बढ़ावा देगा, लेकिन घरेलू मैन्युफैक्चरर्स पर असर पड़ सकता है. अब उपभोक्ताओं के लिए विदेशी ब्रांड्स ज्यादा किफायती होंगे.

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