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Budget 2026: खादी-हैंडलूम के लिए नई पहल, SME ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sun, 01 Feb 2026 02:09 PM IST
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सार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना 9वां बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए एक ऐसा ही बड़ा एलान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए की। आइए जानते हैं कि इस घोषणा में क्या है।
बजट 2026-27
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना ऐतिहासिक 9वां बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने कई बड़े एलान किए। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए एक ऐसा ही बड़ा एलान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए की। उन्होंने इसके साथ ही पारंपरिक उद्योगों को नई ताकत देने के लिए भी घोषणा की।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का ऐलान
सबसे प्रमुख एलान महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का है, जो खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स सेक्टर को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। यह योजना गांव स्तर पर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, जिसमें ग्लोबल मार्केट लिंकेज, ब्रांडिंग सपोर्ट, ट्रेनिंग, स्किलिंग और प्रोडक्शन क्वालिटी में सुधार शामिल हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहल बुनकरों, गांव उद्योगों, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) प्रोग्राम और ग्रामीण युवाओं को सीधा लाभ पहुंचाएगी. खादी और हैंडलूम भारत की सांस्कृतिक धरोहर हैं। महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन से जुड़े होने के कारण इनका विशेष महत्व है। नई पहल से इन सेक्टर्स में वैल्यू एडिशन होगा, एक्सपोर्ट बढ़ेगा और स्थानीय कारीगरों को बेहतर आय मिलेगी. यह SAMARTH 2.0 और मेगा टेक्सटाइल पार्क्स जैसी अन्य टेक्सटाइल स्कीम्स के साथ मिलकर टेक्सटाइल सेक्टर को लेबर-इंटेंसिव और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड बनाएगी।
10 हजार करोड़ के फंड से एसएमई को बूस्ट
एसएमई सेक्टर के लिए भी बड़ा बूस्ट दिया गया है। सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का डेडिकेटेड एसएमई ग्रोथ फंड लॉन्च करने का प्रस्ताव रखा है। यह फंड हाई-पोटेंशियल एंटरप्राइजेज को स्केल अप करने, फ्यूचर चैंपियंस बनाने और नए जॉब्स क्रिएट करने में मदद करेगा. एंटरप्राइजेज को चुनिंदा क्राइटेरिया जैसे इनोवेशन, एक्सपोर्ट पोटेंशियल, एम्प्लॉयमेंट जनरेशन और सेक्टोरल प्राथमिकताओं के आधार पर इंसेंटिव दिए जाएंगे. यह फंड MSMEs को वैश्विक चुनौतियों जैसे ट्रंप टैरिफ से बचाने और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के मौके
ये घोषणाएं सबका साथ सबका विकास और विकसित भारत @2047 के विजन से जुड़ी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने, पारंपरिक कला को आधुनिक बनाने और छोटे उद्यमों को मजबूत करने से अर्थव्यवस्था में समावेशी विकास होगा। इन पहलों से ग्रामीण युवाओं और कारीगरों को लाभ मिलेगा, साथ ही खादी और हैंडलूम को ग्लोबल ब्रांड बनाने में सफलता मिलेगी।
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महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का ऐलान
सबसे प्रमुख एलान महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का है, जो खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स सेक्टर को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। यह योजना गांव स्तर पर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, जिसमें ग्लोबल मार्केट लिंकेज, ब्रांडिंग सपोर्ट, ट्रेनिंग, स्किलिंग और प्रोडक्शन क्वालिटी में सुधार शामिल हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहल बुनकरों, गांव उद्योगों, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) प्रोग्राम और ग्रामीण युवाओं को सीधा लाभ पहुंचाएगी. खादी और हैंडलूम भारत की सांस्कृतिक धरोहर हैं। महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन से जुड़े होने के कारण इनका विशेष महत्व है। नई पहल से इन सेक्टर्स में वैल्यू एडिशन होगा, एक्सपोर्ट बढ़ेगा और स्थानीय कारीगरों को बेहतर आय मिलेगी. यह SAMARTH 2.0 और मेगा टेक्सटाइल पार्क्स जैसी अन्य टेक्सटाइल स्कीम्स के साथ मिलकर टेक्सटाइल सेक्टर को लेबर-इंटेंसिव और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड बनाएगी।
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10 हजार करोड़ के फंड से एसएमई को बूस्ट
एसएमई सेक्टर के लिए भी बड़ा बूस्ट दिया गया है। सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का डेडिकेटेड एसएमई ग्रोथ फंड लॉन्च करने का प्रस्ताव रखा है। यह फंड हाई-पोटेंशियल एंटरप्राइजेज को स्केल अप करने, फ्यूचर चैंपियंस बनाने और नए जॉब्स क्रिएट करने में मदद करेगा. एंटरप्राइजेज को चुनिंदा क्राइटेरिया जैसे इनोवेशन, एक्सपोर्ट पोटेंशियल, एम्प्लॉयमेंट जनरेशन और सेक्टोरल प्राथमिकताओं के आधार पर इंसेंटिव दिए जाएंगे. यह फंड MSMEs को वैश्विक चुनौतियों जैसे ट्रंप टैरिफ से बचाने और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के मौके
ये घोषणाएं सबका साथ सबका विकास और विकसित भारत @2047 के विजन से जुड़ी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने, पारंपरिक कला को आधुनिक बनाने और छोटे उद्यमों को मजबूत करने से अर्थव्यवस्था में समावेशी विकास होगा। इन पहलों से ग्रामीण युवाओं और कारीगरों को लाभ मिलेगा, साथ ही खादी और हैंडलूम को ग्लोबल ब्रांड बनाने में सफलता मिलेगी।
