Budget 2026: पीएम मोदी ने सीतारमण के बजट के व्यापक रोडमैप को सराहा, बोले अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त मंत्री सीतारमण के बजट की प्रशंसा की। उन्होंने बजट को व्यापक और परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि यह अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला रोडमैप है। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर वित्त मंत्री का भाषण साझा करते हुए जरूरी चीजों का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में 'रिफॉर्म एक्सप्रेस', एमएसएमई को समर्थन, कौशल विकास, नई पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे अहम पहलुओं को विस्तार से रखा है।
In her speech in the Lok Sabha, Finance Minister Smt. Nirmala Sitharaman Ji gave a comprehensive picture of how this year’s Budget will contribute to our nation’s economic transformation. She emphasised on Reform Express, the support to MSMEs, skilling, push to next-gen…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 12, 2026
राज्यों को 25.44 लाख करोड़ रुपये का हस्तांतरण
वित्त मंत्री ने लोकसभा में बताया कि बजट 2026-27 में राज्यों को करों में हिस्सेदारी और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत कुल 25.44 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाने का अनुमान है। यह राशि 2025-26 की तुलना में 2.7 लाख करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि राज्यों को संसाधनों का हस्तांतरण कम किया गया है।
पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी
बजट 2026-27 में कुल 17.15 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश का प्रावधान किया गया है, जिसे उन्होंने 4 गुना गुणक प्रभाव वाला बताया। केंद्र का प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय 12.22 लाख करोड़ रुपये है, जो जीडीपी का 3.1 प्रतिशत है और पिछले वर्ष की तुलना में 11.5 प्रतिशत अधिक है। राज्यों को विभिन्न योजनाओं के तहत हस्तांतरण जोड़ने के बाद कुल पूंजीगत व्यय जीडीपी का 4.4 प्रतिशत बैठता है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे यह आरोप गलत साबित होता है कि राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखने के लिए विकास व्यय घटाया गया है।
सभी राज्यों के लिए खुली योजनाएं
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं सभी राज्यों के लिए खुली हैं। राज्य अगर व्यवहार्य प्रस्ताव लेकर आते हैं तो पीएम गति शक्ति के मानकों के तहत मेगा फूड पार्क, आईटी पार्क, स्मार्ट सिटी, जलमार्ग, एलाइड एंड हेल्थ सर्विस हब जैसे प्रोजेक्ट स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा और उपचार सुविधाओं को एक ही परिसर में विकसित कर भारत को मेडिकल टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।
शिक्षा, कौशल और उद्यमिता पर जोर
युवाओं के लिए शिक्षा और स्किलिंग को एकीकृत करने वाले मेगा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें औद्योगिक क्लस्टर के पास विकसित किया जा सकता है। इनका उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता के लिए तैयार करना है।
कृषि और श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में श्रम-प्रधान क्षेत्रों और पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार पर विशेष ध्यान दिया गया है। उच्च मूल्य वाली कृषि और बागवानी फसलों, विशेषकर नारियल को बढ़ावा देने से एक करोड़ किसानों को लाभ होगा।