Budget: रेलवे को 2.93 लाख करोड़ का बजट, सफर-माल ढुलाई को मिलेगा बूस्ट; दक्षिण भारत में बनेगा ये ट्रायंगल
Union Budget 2026-27: बजट 2026 में इस बार रेलवे को भी काफी बड़ा बजट मिला है। भारतीय रेलवे को 2,93,030 करोड़ देने का एलान इस बार किया गया है। यह अब तक सबसे बड़ा रेल बजट है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के लिए 2,93,030 करोड़ के रिकॉर्ड बजटीय आवंटन मिला है। यह अब तक का सबसे बड़ा रेल बजट है। इसे सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में रेलवे को 2.52 लाख करोड़ रुपए आवंटित हुए थे।
वित्त मंत्री ने बजट 2026-27 में विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया है। सरकार ने देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। इनमें मुंबई–पुणे,पुणे–हैदराबाद,हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु,दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी प्रमुख रूट्स हैं। इस पहल से न सिर्फ महानगरों के बीच यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
मुंबई–पुणे हाई-स्पीड कॉरिडोर बनने से दोनों प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच यात्रा का समय घटकर सिर्फ 25-30 मिनट रह जाएगा। पुणे–हैदराबाद कॉरिडोर पश्चिम और दक्षिण भारत के आईटी हब को जोड़ेगा। जबकि हैदराबाद–बेंगलुरु कॉरिडोर दो सबसे बड़े तकनीकी शहरों के बीच कनेक्टिविटी तेज करेगा। इसके अलावा, हैदराबाद–चेन्नई कॉरिडोर दक्षिण-पूर्वी तट के व्यापार और परिवहन को नई गति देगा। चेन्नई–बेंगलुरु कॉरिडोर बंदरगाह और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच माल परिवहन और यात्रा को आसान बनाएगा। दिल्ली–वाराणसी कॉरिडोर दिल्ली को देश की सांस्कृतिक राजधानी और प्रमुख पर्यटन केंद्र से जोड़ेगा। वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को उत्तर-पूर्व के प्रवेश द्वार से जोड़ेगा और इससे पूर्व भारत में आर्थिक गतिविधियों और विकास को नई गति मिलेगी।
रेल मंत्री ने बजट को देश के विकास की दिशा में अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने भारत के सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार जताते हुए रेल मंत्री कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर ठोस नींव रखी गई है। रेलवे क्षेत्र में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद को जोड़ने वाला एक दक्षिणी त्रिकोण भी विकसित किया जाएगा। बजट में एक नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिससे माल ढुलाई को और अधिक तेज, सस्ता और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इसके अलावा बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सूरत (गुजरात) से दानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक एक नया समर्पित फ्रेट कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। यह नया ‘ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर’ औद्योगिक केंद्रों को सीधे बंदरगाहों से जोड़ेगा, जिससे माल ढुलाई की लागत कम होगी और रफ्तार बढ़ेगी। विशेष रूप से यह कदम बंगाल और गुजरात के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा और माल ढुलाई के मार्ग को अधिक कुशल बनाएगा।
इन कामों पर खर्च होगा रेलवे का बजट
- नई रेलवे लाइनों के लिए आवंटन बढ़ाकर 36,722 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले साल 30,632 करोड़ रुपये था।
- गेज कन्वर्जन के लिए बजट में मामूली बढ़ोतरी हुई है और इसे 4,600 करोड़ रुपये किया गया है, जबकि पहले यह 4,284 करोड़ रुपये था।
- रोलिंग स्टॉक के लिए आवंटन 52,109 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल 50,008 करोड़ रुपये था।
- सिग्नलिंग, टेलीकॉम के लिए 7500 करोड़ खर्च होंगे। इसमें कवच भी शामिल है।
