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Loan Prepayment: लोन प्री-पेमेंट पर क्या हैं आरबीआई के नियम?, जानें कब बैंक नहीं वसूल सकते आपसे जुर्माना
बोनस डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 04 May 2026 04:36 AM IST
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सार
अक्सर लोग अपना लोन जल्दी खत्म करना चाहते हैं, ताकि ब्याज का बोझ कम हो सके। लेकिन बैंक 'प्रीपेमेंट पेनाल्टी' का डर दिखाकर ग्राहकों को रोकते हैं। आरबीआई के नियम यहां आपकी मदद करते हैं।
कर्ज से समय से पूर्व आजादी क्या कहता है नियम?
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
लोन लेना आपकी जरूरत हो सकती है, लेकिन उसे समय से पहले चुकाना आपकी समझदारी है और आरबीआई यह सुनिश्चित करता है कि बैंक आपकी इस समझदारी पर अनुचित लगाम न लगाएं।
प्री-पेमेंट चार्ज क्या है?
प्री-पेमेंट चार्ज, जिसे फोरक्लोजर चार्ज भी कहते हैं, वह शुल्क है, जो बैंकों या एनबीएफसी की ओर से तब लगाया जाता है, जब कोई कर्जदार ऋण की तय अवधि समाप्त होने से पहले आंशिक या पूर्ण रूप से ऋण का भुगतान कर देता है। अगर कोई कर्जदार कर्ज को जल्दी चुका देता है, तो बैंकों को भविष्य में होने वाली ब्याज आय का नुकसान होता है। इसकी भरपाई के लिए बैंक प्री-पेमेंट शुल्क लेते हैं।
फ्लोटिंग रेट लोन: पूरी तरह फ्री
भारतीय रिजर्व बैंक के 5 जून 2012 को जारी एक सर्कुलर के अनुसार, बैंकों और एनबीएफसी को व्यक्तिगत कर्जदारों को दी गई फ्लोटिंग ब्याज दर वाले होम लोन पर फोरक्लोजर शुल्क या प्री-पेमेंट पेनाल्टी वसूलने की अनुमति नहीं है।
अगर आपका लोन फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर है, तो आप उसे कभी भी समय से पहले चुका सकते हैं। यह नियम उन सभी फ्लोटिंग रेट लोन्स पर लागू होता है जो व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए लिए गए हैं।
फिक्स्ड रेट लोन: पारदर्शिता जरूरी
बैंक आपसे प्रीपेमेंट चार्ज ले सकते हैं, लेकिन इसकी कुछ शर्तें हैं:
फोरक्लोजर चार्ज लोन एग्रीमेंट में पहले से लिखा होना चाहिए। बैंक अपनी मर्जी से बाद में इसे नहीं बढ़ा सकते।
शुल्क कितना होगा, यह बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए।
RBI के नए नियम
1 जनवरी, 2026 से लागू नए नियम कहते हैं, व्यक्तियों और एमएसएमई को दिए गए फ्लोटिंग रेट व्यावसायिक ऋणों पर बैंक प्री-पेमेंट शुल्क नहीं वसूल सकते। स्मॉल फाइनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और एनबीएफसी-एमएल 50 लाख रुपये तक के ऋण पर प्री-पेमेंट शुल्क नहीं लगा सकते।
लोन बंद होने की प्रक्रिया भी आसान
लोन का पूरा भुगतान होने के 30 दिनों में बैंक को आपके सभी मूल दस्तावेज (जैसे मकान की रजिस्ट्री आदि) वापस करने होंगे।
ऐसा नहीं होने पर ग्राहक को 5,000 रुपये प्रति दिन का मुआवजा।
लोन स्वीकृत करते समय ही बैंक को सभी 'हिडन चार्जेस' और शर्तों के बारे में लिखित में बताना अनिवार्य।
स्मार्ट टिप...जब भी अतिरिक्त पैसा आए, लोन का प्रीपेमेंट जरूर करें। चूंकि कोई पेनाल्टी नहीं है, इसलिए हर अतिरिक्त रुपया सीधे आपके मूलधन को कम करेगा और आपको लाखों रुपये के ब्याज से बचाएगा। लोन बंद करने के बाद बैंक से 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' लेना कभी न भूलें।
डिस्क्लेमर: अपना पैसा में छपे विचार, राय और निवेश संबंधी सुझाव अलग-अलग विशेषज्ञों, ब्रोकर फर्मों या रिसर्च संस्थानों के हैं। इनसे अखबार या उसके प्रबंधन की सहमति जरूरी नहीं है। कृपया किसी भी तरह का निवेश फैसला लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी अखबार या उसके प्रबंधन की नहीं होगी।
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प्री-पेमेंट चार्ज, जिसे फोरक्लोजर चार्ज भी कहते हैं, वह शुल्क है, जो बैंकों या एनबीएफसी की ओर से तब लगाया जाता है, जब कोई कर्जदार ऋण की तय अवधि समाप्त होने से पहले आंशिक या पूर्ण रूप से ऋण का भुगतान कर देता है। अगर कोई कर्जदार कर्ज को जल्दी चुका देता है, तो बैंकों को भविष्य में होने वाली ब्याज आय का नुकसान होता है। इसकी भरपाई के लिए बैंक प्री-पेमेंट शुल्क लेते हैं।
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फ्लोटिंग रेट लोन: पूरी तरह फ्री
भारतीय रिजर्व बैंक के 5 जून 2012 को जारी एक सर्कुलर के अनुसार, बैंकों और एनबीएफसी को व्यक्तिगत कर्जदारों को दी गई फ्लोटिंग ब्याज दर वाले होम लोन पर फोरक्लोजर शुल्क या प्री-पेमेंट पेनाल्टी वसूलने की अनुमति नहीं है।
अगर आपका लोन फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर है, तो आप उसे कभी भी समय से पहले चुका सकते हैं। यह नियम उन सभी फ्लोटिंग रेट लोन्स पर लागू होता है जो व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए लिए गए हैं।
फिक्स्ड रेट लोन: पारदर्शिता जरूरी
बैंक आपसे प्रीपेमेंट चार्ज ले सकते हैं, लेकिन इसकी कुछ शर्तें हैं:
फोरक्लोजर चार्ज लोन एग्रीमेंट में पहले से लिखा होना चाहिए। बैंक अपनी मर्जी से बाद में इसे नहीं बढ़ा सकते।
शुल्क कितना होगा, यह बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए।
RBI के नए नियम
1 जनवरी, 2026 से लागू नए नियम कहते हैं, व्यक्तियों और एमएसएमई को दिए गए फ्लोटिंग रेट व्यावसायिक ऋणों पर बैंक प्री-पेमेंट शुल्क नहीं वसूल सकते। स्मॉल फाइनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और एनबीएफसी-एमएल 50 लाख रुपये तक के ऋण पर प्री-पेमेंट शुल्क नहीं लगा सकते।
लोन बंद होने की प्रक्रिया भी आसान
लोन का पूरा भुगतान होने के 30 दिनों में बैंक को आपके सभी मूल दस्तावेज (जैसे मकान की रजिस्ट्री आदि) वापस करने होंगे।
ऐसा नहीं होने पर ग्राहक को 5,000 रुपये प्रति दिन का मुआवजा।
लोन स्वीकृत करते समय ही बैंक को सभी 'हिडन चार्जेस' और शर्तों के बारे में लिखित में बताना अनिवार्य।
स्मार्ट टिप...जब भी अतिरिक्त पैसा आए, लोन का प्रीपेमेंट जरूर करें। चूंकि कोई पेनाल्टी नहीं है, इसलिए हर अतिरिक्त रुपया सीधे आपके मूलधन को कम करेगा और आपको लाखों रुपये के ब्याज से बचाएगा। लोन बंद करने के बाद बैंक से 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' लेना कभी न भूलें।
डिस्क्लेमर: अपना पैसा में छपे विचार, राय और निवेश संबंधी सुझाव अलग-अलग विशेषज्ञों, ब्रोकर फर्मों या रिसर्च संस्थानों के हैं। इनसे अखबार या उसके प्रबंधन की सहमति जरूरी नहीं है। कृपया किसी भी तरह का निवेश फैसला लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी अखबार या उसके प्रबंधन की नहीं होगी।
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