{"_id":"69b29b02b09e81ac690a47ee","slug":"retail-inflation-rises-retail-inflation-news-and-updates-cpi-inflation-news-and-updates-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Retail Inflation: खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.21 प्रतिशत पर पहुंची, जानिए क्या कह रहे सरकार के आंकड़े","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Retail Inflation: खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.21 प्रतिशत पर पहुंची, जानिए क्या कह रहे सरकार के आंकड़े
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kumar Vivek
Updated Thu, 12 Mar 2026 04:22 PM IST
विज्ञापन
सार
Retail Inflation: क्या ईरान-इस्राइल युद्ध से भारत में और बढ़ेगी महंगाई? जानिए फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.21% पर क्यों पहुंची। ताजा वैश्विक हालात का आम आदमी की जेब पर क्या असर हो सकता है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
खुदरा महंगाई दर
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट और वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के लिए एक और चिंता वाली खबर है। फरवरी महीने में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21% हो गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज की गई है जब ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद ने वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर खतरे की घंटी बजा दी है।
Trending Videos
जनवरी में खुदरा महंगाई दर यानी सीपीई 2.75% थी, जो फरवरी में बढ़कर 3.21% हो गई है। यह बढ़ोतरी शहरों के मुकाबले गांवों में ज्यादा महसूस की जा रही है। फरवरी में ग्रामीण महंगाई दर 3.37% और शहरी महंगाई दर 3.02% दर्ज की गई। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि यह आंकड़ा अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4% के लक्ष्य से नीचे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण खाने-पीने की चीजें हैं। फरवरी में खाद्य महंगाई दर तेजी से उछलकर 3.47% हो गई है, जो जनवरी में 2.13% थी। आम आदमी के लिए रहना और खाना लगातार महंगा होता जा रहा है। हाउसिंग की बात करें तो महंगाई 2.05% से बढ़कर 2.12% हो गई है। ईंधन और लाइट कैटेगरी में महंगाई दर 0.14% रही। स्वास्थ्य सेवाओं की महंगाई 2.19% से गिरकर 1.90% पर आ गई है। वहीं कपड़े और जूतों की महंगाई दर भी जनवरी के 2.98% से घटकर 2.81% रह गई है।
ईरान संकट के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि लंबे समय तक सप्लाई बाधित रहने से भारत जैसे ऊर्जा पर निर्भर देशों में आयातित महंगाई का खतरा बढ़ जाएगा। इक्रा (आईसीआरए) की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के अनुसार, अगर कच्चे तेल के दाम 10% बढ़ते हैं और इसका असर सीधे पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर पड़ता है, तो खुदरा महंगाई 0.40% से 0.60% तक बढ़ सकती है।
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
कमेंट
कमेंट X