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Rani Kapur: संजय कपूर की मां ने सोना कॉमस्टार की AGM टालने की मांग की, दबाव डालने और गलतबयानी का लगाया आरोप

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Fri, 25 Jul 2025 02:06 PM IST
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सार

सोना कॉमस्टार के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कंपनी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। 

Sanjay Kapoor mother demanded postponement of Sona Comstar AGM, accused of pressure and misrepresentation
दिवंगत संजय कपूर - फोटो : एक्स
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विस्तार

सोना कॉमस्टार के पूर्व अध्यक्ष और दिवंगत उद्योगपति डॉ.सुरिंदर कपूर की पत्नी रानी कपूर ने कंपनी की आगामी वार्षिक बैठक (एजीएम) को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। कंपनी 25 जुलाई को यह एजीएम करने वाली थी। अपने दिवंगत पति की वसीयत के अनुसार, रानी उनकी संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी और सोना समूह में बहुसंख्यक शेयरधारक हैं। रानी कपूर दिवंगत संजय कपूरी की मां भी हैं। संजय एक प्रमुख व्यवसायी और बॉलीबुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के पूर्व पति थे। 

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रानी ने लगाए गंभीर आरोप
रानी के लिखे पत्र के अुसार अपने बेटे की संदिग्थ और अचानक मौत के बीच, परिवार के लिए गहरे शोक के समय एजीएम आयोजित करने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि बार-बार प्रयासों के बावजूद, उन्हें घटना के संबंधित कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या दस्तावेज नहीं मिला है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि अपने बेटे की मृत्यु के बाद, जब वह बहुत कमजोर स्थिति में थीं, तो उन्हें बिना किसी स्पष्टीकरण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। तब उन्हें खातों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंच से वंचित रखा गया। 

रानी ने आगे आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को कपूर परिवार का प्रतिनिधि बताकर उनकी जानकारी या सहमित के बिना कंपनी के बोर्ड में नियुक्तियां करवाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैंने बोर्ड में आने या किसी भी पद पर मेरा प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी व्यक्ति को न तो सहमति दी है और न ही आधिकारिक तौर पर नामित किया है। 

आगामी एजीएम का हो सकता है दीर्घकालिक प्रभाव 
उन्होंने आगे दावा किया कि आगामी एजीएम में ऐसे प्रस्ताव शामिल हैं, जिनके दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि ये निर्णय उनकी अनुपस्थिति में या पूरी पारदर्शिता के बिना नहीं लिए जाने चाहिए। उन्होंने उचित जानकारी एकत्र करने और प्रस्तुत करने के लिए कम से कम दो हफ्ते की मोहलत देने की मांग की।

रानी ने कंपनी को दी चेतावनी
रानी के कानूनी सलाहकार वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने बताया कि वे फिलहाल कानूनी कार्रवाई नहीं कर रही हैं, लेकिन उन्होंने एजीएम को स्थगित करने का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी तथ्यों पर विचार किया जाए। उन्होंने अपने पत्र में चेतावनी दी कि अगर आप इस मेल को नजरअंदाज करते हैं और मुझसे विचार-विमर्श किए बिना आगे बढ़ते हैं, तो मेरे पास यह मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा कि यह कंपनी और परिवार के नुकसान के लिए आपके द्वारा एक जानबूझकर लिया गया निर्णय था। यह पत्र भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को भी भेजा गया है।

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