Jag Laadki In India: होर्मुज के रास्ते भारत आया एक और जहाज, 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर गुजरात पहुंचा
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भी भारत को ऊर्जा आपूर्ति में राहत मिली है। 'जग लाडकी' टैंकर 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा, जिससे सप्लाई मजबूत हुई; यह हाल के दिनों में पहुंचने वाला तीसरा जहाज है।
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए एलपीजी और कच्चा तेल लेकर आए भारतीय ध्वज वाले टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंच रहे हैं। इससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तत्काल राहत मिली है।
जग लाडकी पहुंचा मुंद्रा पोर्ट
गुजरात के मुंद्रा स्थित अदाणी पोर्ट्स पर भारतीय ध्वज वाले क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी का आगमन हुआ। जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। यह टैंकर संयुक्त अरब अमीरात से कच्चा तेल लेकर पहुंचा है। टैंकर में करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा था, जिसे फुजैराह बंदरगाह से लोड किया गया था। जग लाडकी युद्ध क्षेत्र से अदानी समूह के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचने वाला दूसरा जहाज है। इससे पहले, एलपीजी टैंकर शिवालिक सोमवार को बंदरगाह पर पहुंचा था।
खास बात यह है कि जहाज उसी दिन रवाना हुआ था, जब फुजैरा के तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था। शिवालिक और नंदा देवी के बाद यह भारत पहुंचने वाला तीसरा जहाज है। यह जहाज फारस की खाड़ी से अरब सागर को जोड़ने वाले अहम समुद्री रास्ते होर्मुज से होकर भारत पहुंचा।
#WATCH | The Indian-flagged crude oil tanker 'Jag Laadki' arrived at Adani Ports Mundra in Gujarat.
It carried approximately 80,886 metric tonnes (MT) of crude oil—sourced from the UAE—loaded at Fujairah Port.
(Video Source: Adani Port) pic.twitter.com/5zeosrpVbp — ANI (@ANI) March 18, 2026
अधिकारियों ने बताया कि जग लाडकी जहाज की कुल लंबाई में 274.19 मीटर और चौड़ाई में 50.04 मीटर माप वाले इस टैंकर का डेडवेट टन भार लगभग 164,716 टन और सकल टन भार लगभग 84,735 टन है।
एक दिन पहले नंदा देवी पहुंचा वाडीनार पोर्ट
एलपीजी टैंकर 'नंदा देवी' 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मंगलवार को वाडीनार पहुंचा, जहां एंकरिज क्षेत्र में शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की गई। मिली जानकारी के मुताबिक, 'नंदा देवी' से यह एलपीजी MT BW Birch नामक दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया जाएगा। यह ट्रांसफर आज से शुरू होने वाला है, जो देश में एलपीजी आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरान दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने खुद नंदा देवी जहाज पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जहाज के कैप्टन और क्रू मेंबर्स से बातचीत कर ट्रांसफर प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
'जग प्रकाश' ने सुरक्षित पार किया होर्मुज
ओमान से अफ्रीका के लिए पेट्रोल लेकर जा रहा टैंकर जग प्रकाश सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर तंजानिया की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही युद्ध जैसे हालात वाले इस क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने वाले भारतीय जहाजों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
मौजूदा समय में कुल 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज होर्मुज क्षेत्र में मौजूद हैं। इनमें से 22 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में हैं, जिन पर 611 नाविक सवार हैं, जबकि दो जहाज पूर्वी हिस्से में स्थित हैं। पश्चिमी हिस्से में मौजूद 22 जहाजों में 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चा तेल टैंकर, 1 केमिकल उत्पाद ले जाने वाला जहाज, 3 कंटेनर शिप और 2 बल्क कैरियर शामिल हैं। इसके अलावा एक ड्रेजर, एक खाली जहाज और तीन जहाज ड्राई डॉक में नियमित मरम्मत के लिए रखे गए हैं।
सरकार ने क्या दिए निर्देश?
सरकार ने प्रमुख बंदरगाहों को जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और कार्गो ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एंकरिज, बर्थ हायर और स्टोरेज शुल्क में रियायत दी जा रही है, साथ ही जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी में अस्थायी ट्रांसशिपमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इधर, एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश के बाद एचपीसीएल मित्तल एनर्जी (बठिंडा) और रिलायंस रिफाइनरी (जामनगर) ने रेल रेक्स की अतिरिक्त मांग रखी है, ताकि गैस की आपूर्ति देशभर में तेजी से पहुंचाई जा सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया भर में तेल और गैस की करीब 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। इसलिए इस मार्ग पर किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस समुद्री रास्ते पर काफी हद तक निर्भर है।
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