Deepfake: सुधा मूर्ति की निवेशकों को कड़ी चेतावनी; 'डीपफेक' वीडियो से रहें सावधान, मेरे नाम पर हो रही है ठगी
Deepfake: राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने अपने नाम और आवाज का इस्तेमाल करने वाले 'डीपफेक' निवेश वीडियो के खिलाफ चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी भी निवेश सलाह नहीं देतीं। पढ़ें पूरी खबर।
विस्तार
राज्यसभा सांसद, लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता सुधा मूर्ति ने सोशल मीडिया पर चल रहे उनके फर्जी वीडियो को लेकर आम जनता और निवेशकों को आगाह किया है। उन्होंने साफ किया है कि इंटरनेट पर उनकी आवाज और चेहरे का इस्तेमाल करके वित्तीय योजनाओं का प्रचार करने वाले वीडियो पूरी तरह से नकली हैं और यह 'डीपफेक' तकनीक का नतीजा है। मूर्ति ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से अपील की है कि वे ऐसे विज्ञापनों के झांसे में न आएं और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।
20,000 रुपये के निवेश पर 10 गुना रिटर्न का दावा झूठा
सुधा मूर्ति ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके 2-3 वीडियो एक साथ वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में डीपफेक तकनीक के जरिए यह दिखाया जा रहा है कि वह लोगों को निवेश की सलाह दे रही हैं। मूर्ति ने बताया, "इन वीडियो में मुझे यह कहते हुए दिखाया गया है कि आप 200 डॉलर या 20,000 रुपये का निवेश करें और आपको इससे कई गुना या शायद दस गुना अधिक रिटर्न मिलेगा। यह पूरी तरह से फर्जी खबर है"।
मैं कभी पैसों या निवेश पर बात नहीं करती
सुधा मूर्ति, जो मूर्ति ट्रस्ट की चेयरपर्सन भी हैं, ने अपनी छवि के दुरुपयोग पर दुख जताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "एक नियम के तौर पर, मैं कभी भी निवेश या पैसों से जुड़ी किसी गतिविधि पर बात नहीं करती हूं। मैं हमेशा काम, भारत की संस्कृति, महिलाओं और शिक्षा के बारे में बात करती हूं। मैं कभी भी पैसे निवेश करने और उससे रिटर्न पाने की बात नहीं करती"।
ठगी के शिकार हो रहे हैं लोग
अपनी चेतावनी में सुधा मूर्ति ने खुलासा किया कि उनके कई जानने वाले लोग इन फर्जी वीडियो के जाल में फंसकर अपना पैसा गंवा चुके हैं। उन्होंने हाथ जोड़कर दर्शकों से विनती की कि उनके नाम पर होने वाले किसी भी वित्तीय लेनदेन पर विश्वास न करें।
निवेशकों के लिए सलाह: बैंक और पुलिस से करें संपर्क
सुधा मूर्ति ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर आने वाले वित्तीय लेनदेन के संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
- सत्यापन करें: उन्होंने आग्रह किया कि किसी भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें।
- बैंक या पुलिस से पूछें: यदि किसी को कोई संदेह है, तो ईमेल भेजें, बैंक में जाकर पूछताछ करें या पुलिस स्टेशन में संपर्क करें, लेकिन केवल वीडियो देखकर निवेश न करें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक के बढ़ते दौर में प्रतिष्ठित हस्तियों के नाम पर वित्तीय धोखाधड़ी एक बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में सुधा मूर्ति की यह अपील उन लाखों फॉलोअर्स के लिए महत्वपूर्ण है जो उनकी विश्वसनीयता के कारण इन फर्जी स्कीमों का शिकार हो सकते थे।