Eternal: जोमैटो की पैरेंट कंपनी 'इटरनल' में बड़ा बदलाव; दीपेंद्र गोयल ने छोड़ी CEO की कुर्सी, अब इन्हें कमान
दीपेंद्र गोयल ने जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी 'इटरनल' के सीईओ पद से इस्तीफा दिया। 1 फरवरी से अलबिंदर ढींडसा संभालेंगे कमान। गोयल अब हाई-रिस्क वाले नए वेंचर्स पर फोकस करेंगे।
विस्तार
फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी ज़ोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी 'इटरनल' के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा फेरबदल हुआ है। कंपनी के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने 'इटरनल' के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के मुताबिक, ब्लिंकिट के संस्थापक अलबिंदर ढींडसा को गोयल का उत्तराधिकारी नामित किया गया है। यह नेतृत्व परिवर्तन 1 फरवरी से प्रभावी होगा। अलबिंदर ढींडसा अब 'ग्रुप सीईओ' के रूप में कार्यभार संभालेंगे और कंपनी के दिन-प्रतिदिन के कामकाज का नेतृत्व करेंगे।
इटरनल का तीसरी तिमाही का मुनाफा 73 प्रतिशत बढ़कर 102 करोड़ रुपये हुआ
जोमैटो और ब्लिंकइट ब्रांडों की मालिक खाद्य वितरण और त्वरित वाणिज्य कंपनी एटर्नल ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही के लिए समेकित शुद्ध लाभ में 72.88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 102 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। पिछले वर्ष की इसी अवधि में कंपनी ने 59 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
कंपनी के बोर्ड ने दीपेंद्र गोयल के निदेशक, प्रबंध निदेशक और सीईओ पद से 1 फरवरी से प्रभावी इस्तीफे को भी मंजूरी दे दी और शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर पांच साल के कार्यकाल के लिए उन्हें बोर्ड में उपाध्यक्ष और निदेशक के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की।
इस्तीफे के पीछे की वजह: नए आइडिया और हाई रिस्क
दीपेंद्र गोयल ने अपने इस्तीफे का कारण बताते हुए शेयरधारकों को एक पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि उनका रुझान अब नए विचारों और प्रयोगों की ओर बढ़ रहा है, जिनमें जोखिम की मात्रा काफी अधिक है। गोयल ने कहा, "हाल ही में, मैंने खुद को नए विचारों के एक सेट की ओर आकर्षित पाया है जिसमें काफी उच्च-जोखिम वाले शोध और प्रयोग शामिल हैं। ये उस तरह के विचार हैं जिन्हें इटरनल जैसी पब्लिक कंपनी के बाहर बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है"।
अलबिंदर ढींडसा पर जताया भरोसा
- नेतृत्व सौंपते हुए गोयल ने अलबिंदर ढींडसा की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि ढींडसा अब दिन-प्रतिदिन के निष्पादन, परिचालन प्राथमिकताओं और व्यावसायिक निर्णयों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- गोयल ने ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लेकर उसके 'ब्रेक-ईवन' तक पहुंचने के सफर का हवाला देते हुए कहा कि ढींडसा 'इटरनल' का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। इस बदलाव के तहत, गोयल के सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शंस वापस कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन पूल में चले जाएंगे।
गोयल अब कहां करेंगे फोकस?
दीपेंद्र गोयल इटरनल से हटने के बाद अपने निजी रिसर्च वेंचर्स और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे। पिछले एक साल में उन्होंने कई नए क्षेत्रों में कदम रखा है:
- एलएटी एयरोस्पेस: गोयल ने पूर्व ज़ोमैटो सीओओ सुरभि दास द्वारा स्थापित इस स्टार्टअप में 20 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।
- कंटीन्यू: यह एक हेल्थ और वेलनेस वेंचर है, जिसका उद्देश्य मानव जीवनकाल (Human lifespan) को बढ़ाने पर शोध करना है।
- टेंपल: यह गोयल का नवीनतम वेंचर है, जो मस्तिष्क के रक्त प्रवाह (Brain blood flow) की निगरानी के लिए एक डिवाइस विकसित कर रहा है।
जोमेटो का सफर
दीपेंद्र गोयल ने 2008 में पंकज चड्ढा के साथ मिलकर ज़ोमैटो की स्थापना की थी, जिसे शुरू में 'फूडीबे' (Foodiebay) के नाम से जाना जाता था। एक हालिया पॉडकास्ट में गोयल ने खुलासा किया था कि उन्होंने पहले भी सीईओ का पद छोड़ने की पेशकश की थी, क्योंकि वे खुद को एक बड़ी संस्था के सीईओ के बजाय 'चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर' की भूमिका में अधिक सहज मानते थे।