सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Survey claims: Indias GDP growth rate will be more than 6 percent in September quarter, impact on exports

सर्वे में दावा : सितंबर तिमाही में 6 फीसदी से ज्यादा रहेगी भारत की जीडीपी की वृद्धि दर, निर्यात पर असर

एजेंसी, बंगलूरू। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 29 Nov 2022 06:55 AM IST
विज्ञापन
सार

भारत की आर्थिक वृद्धि दर कुछ वर्षों के लिए धीमी पड़ कर 6% रह सकती है। इससे महंगाई को आरबीआई के लक्ष्य पर वापस ले जाने के साथ बजट और चालू खाता घाटे को कम करने में मदद मिलेगी।

Survey claims: Indias GDP growth rate will be more than 6 percent in September quarter, impact on exports
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

पिछली तिमाही में दहाई अंकों में बढ़ने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार 2022-23 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर अवधि में 6% से ज्यादा रह सकती है। हालांकि, निर्यात और निवेश कमजोर रहने की आशंका है, जिसका असर भविष्य में आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा। 

Trending Videos


43 अर्थशास्त्रियों के बीच किए गए रॉयटर्स के सर्वे में कहा गया है कि दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था सामान्य स्थिति में लौटेगी और इस दौरान जीडीपी की वृद्धि दर 6.2 फीसदी रह सकती है। हालांकि, यह अनुमान आरबीआई के 6.3% के मुकाबले थोड़ा कम है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 13.5% रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े 30 नवंबर को जारी कर सकती है। डॉयचे बैंक में भारत एवं दक्षिण एशिया के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक दास ने कहा, पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर असाधारण रूप से अनुकूल रही थी। इससे जुलाई-सितंबर अवधि से वास्तविक वृद्धि दर सामान्य हो जाएगी और इसका सही अनुमान लगाना भी आसान हो जाएगा।

हालांकि, कारोबारी सर्वेक्षण उन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में कमजोर आर्थिक गतिविधियों का संकेत दे रहे हैं, जहां केंद्रीय बैंक उच्च ब्याज दरों से महंगाई पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। इन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत में कारोबारी धारणा अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। 

सेवा क्षेत्र में सुधार का दिखेगा असर
एचडीएफसी बैंक की प्रधान अर्थशास्त्री (भारत) साक्षी गुप्ता ने कहा, सेवा क्षेत्र में निरंतर सुधार से जीडीपी के क्रमिक रूप से बढ़ने की उम्मीद है। खनन व विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट आ सकती है। कमजोर वैश्विक मांग में निर्यात पर असर पड़ सकता है।

अर्थव्यवस्था में सुस्ती देश के लिए अच्छा
भारत की आर्थिक वृद्धि दर कुछ वर्षों के लिए धीमी पड़ कर 6% रह सकती है। इससे महंगाई को आरबीआई के लक्ष्य पर वापस ले जाने के साथ बजट और चालू खाता घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, गोल्डमैन सॉक्स के शांतनु सेनगुप्ता ने कहा, भारत के लिए वृद्धि दर की रफ्तार सुस्त होना अच्छा साबित होगी। उम्मीद जताई कि जीडीपी में वृद्धि की रफ्तार चालू वित्त वर्ष के 7.1% से घटकर 2023-24 में 6% रह सकती है। भारत का दुनिया में सबसे तेज आर्थिक वृद्धि दर रहने का खिताब छिन सकता है क्योंकि कर्ज की लागत से मांग पर असर पड़ सकता है। 

दूसरी तिमाही में 5.8 फीसदी रह सकती है वृद्धि दर : एसबीआई
विनिर्माण गतिविधियों में कमजोरी और मार्जिन के बढ़ते दबाव को देखते हुए एसबीआई ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है। यह औसत अनुमान से 0.30% कम है। एसबीआई समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा, इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष की पूरी अवधि में वृद्धि दर 6.8 फीसदी रह सकती है जो आरबीआई के पिछले अनुमान से 0.20 फीसदी कम है।

एसएंडपी ने वृद्धि दर में की कटौती
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने सोमवार को 2022-23 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को घटाकर 7 फीसदी कर दिया। सितंबर में इसके 2022-23 में 7.3% और 2023-24 में 6.5% रहने का अनुमान जताया था। एजेंसी ने महंगाई के मोर्चे पर कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान खुदरा महंगाई औसतन 6.8 फीसदी रह सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed